पिछले कुछ वर्षों में लोगों को तमाम तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार होते हुए देखा गया है। खास बात यह है कि इसमें भी तेजी से कम उम्र के लोगों में डायबिटीज, हृदयरोग जैसी गंभीर समस्याओं का निदान किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इन समस्याओं के मुख्य कारण के रूप में जिस एक चीज को सबसे सामान्य पाया गया है, वह है मोटापा की समस्या। अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापे के कारण डायबिटीज, हृदय रोग जैसी बीमारियों का जोखिम कई गुना तक अधिक बढ़ जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर अकेले मोटापे को नियंत्रित कर लिया जाए तो कई प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सकता है।
आज का योग टिप्स: तमाम बीमारियों की जड़ है यह एक समस्या, इन योगासनों का अभ्यास माना जाता है इसमें लाभदायक
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भुजंगासन योग के लाभ
भुजंगासन योग को मुख्य रूप से पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने और आपकी पीठ के निचले हिस्से को आराम देने के लिए जाना जाता है, वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस योग के अभ्यास से आसानी से वजन कम करने में भी मदद मिल सकती है। वजन कम करने की कोशिशों में लगे लोगों के लिए नियमित रूप से भुजंगासन या कोबरा पोज का अभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है।
प्लैंक पोज
चतुरंग दंडासन (प्लैंक पोज) योग आपके कोर को मजबूत करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। इस योग के अभ्यास से पेट की मांसपेशियों पर इसकी तीव्रता महसूस की जा सकती है, जो आसानी से फैट बर्न करने में सहायक हो सकती है। प्लैंक पोज का जितना देर तक अभ्यास किया जाए उससे उतनी अधिक कैलोरी बर्न की जा सकती है।
वीरभद्रासन योग
जांघों और कंधों को टोन करने के साथ ही साथ एकाग्रता में सुधार करने और वजन को घटाने में वीरभद्रसान योग के अभ्यास को लाभदायक माना जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक जितने अधिक समय तक आप उस आसन को करेंगे, आपको उतने ही बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। पेट को टोन करने के साथ शरीर से अतिरिक्त फैट को हटाने के लिए इस योगासन को विशेष लाभदायक माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।