Yoga Tips: कब्ज की शिकायत से परेशान लोग घंटों टॉयलेट की सीट पर बैठे रहते हैं। किसी भी उम्र के लोग पेट संबंधी समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। बुजुर्गों का पाचन तंत्र अन्य लोगों की तुलना में काफी कमजोर होता है। कब्ज के कारण कई अन्य तरह की शिकायतें भी हो सकती हैं। कब्ज के कारण सिर दर्द, त्वचा में रैशेज, मुंह में छाले, चेहरे पर फुंसी हो सकते हैं। कब्ज होने के कई कारण हो सकते हैं। कब्ज खानपान में गड़बड़ी, तैलीय और मसालेदार खाने के सेवन से हो सकता है। कब्ज के उपचार का कोई परमानेंट उपाय नहीं है। हालांकि लोग अंग्रेजी दवा के उपयोग से कब्ज से निजात पाने का प्रयास करते हैं। यहां आपको कब्ज से छुटकारा दिलाने, पाचन तंत्र को मजबूत करने और पेट संबंधी परेशानियों से बचाने के लिए कुछ योगासनों के बारे में बताया जा रहा है। अगली स्लाइड्स में दिए योगासनों के अभ्यास से कब्ज की शिकायत दूर कर सकते हैं।
Yoga Tips: इन योगासनों का पांच मिनट करें अभ्यास, कब्ज सहित पेट संबंधी समस्याएं होंगी दूर
पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन के नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र की मांसपेशियां टाइट होती हैं। इससे भोजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए यह योगासन असरदार है। इस योग से शरीर के निचले हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। ब्लड शुगर लेवल काबू में रहता है।
इस योग को करने के लिए घुटनों को छाती की ओर मोड़कर पीठ के बल लेटें। अब हाथों को पिंडली पर या उसके आसपास रखते हुए ठुड्डी को अंदर की ओर और धीरे से पीठ को फर्श से दबाएं। घुटनों को छाती की ओर खींचते हुए सांसों को अंदर और बाहर लें। इस मुद्रा में कुछ देर रहे और फिर सामान्य मुद्रा में आ जाएं।
भुजंगासन
इस आसन के अभ्यास से पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली में सुधार आता है। पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं को दूर करने में भुजंगासन का अभ्यास उपयोगी है।
भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेटकर हाथों को फैलाकर हथेलियों को फर्श पर रखें। पेट की मांसपेशियों और पैरों को एक सीध में रखें। सांस को अंदर लेते हुए सिर को थोड़ा ऊपर उठाएं और शरीर को कमर की तरफ खींचने की कोशिश करें। इस मुद्रा को 3-4 बार दोहराएं।
वज्रासन
इस योग के अभ्यास से पेट के क्षेत्र में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। पुरानी कब्ज, पेट के विकार, पाचन समस्याओं जैसी कई स्थितियों से फायदा मिलता है। कब्ज और अपच के लिए वज्रासन का अभ्यास फायदेमंद है।
वज्रासन करने के लिए घुटों को टेककर खड़े हो जाएं और पीठ सीधी रखते हुए एड़ियों के बीच गैप में कूल्हों को टिका लें। हाथों को गोद में रखते हुए इस मुद्रा में कुछ देर रहें।
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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