कई लोग जुकाम के उपचार के लिए दवाइयां लेना पसंद नहीं करते हैं क्योंकि सर्दी की दवा से कई लोगों के पेट में गर्मी बढ़ जाती है। ऐसे में ये लोग कोशिश करते हैं कि सर्दी को जल्द से जल्द दूर भगाया जाए लेकिन किसी अन्य विकल्प से। योग के पास लगभग हर मर्ज का इलाज है। ऐसे में सर्दी- जुकाम की समस्या का उपचार भी योग से बिल्कुल संभव है इसलिए जुकाम होने पर या एहतियातन पहले से ही अपने योग चार्ट में अगली स्लाइड्स में बताए गए आसनों को शामिल कर लें ताकि जल्द से जल्द इस समस्या से राहत मिल सके।
इन योगासनों के नियमित अभ्यास से होगा जुकाम का उपचार, पेट में नहीं होगी गर्मी
हस्तपादासन
जुकाम की समस्या में हस्तपादासन करना बहुत लाभकारी है। इस आसन को करना भी बेहद आसान है। खड़े होकर आगे की तरफ झुकने से रक्त का प्रवाह हमारे सिर की तरफ बढ़ता है। कोशिश करें कि झुकते वक्त घुटने न मुड़ें। यह क्रिया सायनस को साफ़ करती है। इस प्राणायाम से हमारे नाड़ीतंत्र को बल मिलता है तथा शरीर तनाव-मुक्त होता है। यह आसन रोग- प्रतिरोधक क्षमता का भी विकास करता है जिस वजह से शरीर को बार-बार जुकाम नहीं लगता है।
शवासन
जुकाम की समस्या में थोड़ी देर सही तरीके से किया हुआ शवासन भी बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। शवासन करना बहुत आसान है, इसे हर कोई कर सकता है इसलिए इसे करने के लिए सबसे पहले लेट जाएं। लेटने के बाद पूरा ध्यान अपनी श्वासों पर लगाएं। नियम से लंबी गहरी श्वास लें। थोड़ी देर तक यदि आप यही करते रहे तो संभव है कि आसन करते वक्त ही आपको जुकाम में अंतर महसूस होने लगे।
नाड़ी शोधन प्राणायाम
नाक के छेदों को बंदकर-खोलकर बारी-बारी से श्वास लेने से सर्दी के कारण बंद पड़े नासिका द्वार खुल जाते हैं, जिससे कि फेफड़ों तक सही ढंग से ऑक्सीजन पहुंच पाती है। ऐसे में बार-बार नाक में समस्या नहीं होती और सर्दी के कारण होने वाले तनाव से भी छुटकारा मिलता है। इसलिए यदि बार- बार जुकाम होना आम बात है, तब तो आपको इसे अपनी आदत बना ही लेना चाहिए।
मत्स्यासन
मत्स्यासन के नियमित अभ्यास से धीरे- धीरे जुकाम ठीक होने लगता है। इसे करना शुरु में थोड़ा कठिन लग सकता है लेकिन बार-बार अभ्यास करने से ये सही ढंग से होने लगता है, साथ ही इसका उचित परिणाम भी मिलता है। कई सारे लोग जिनके पीठ में हल्का सा झुकाव दिखाई देने लगता है, उन लोगों को भी ये आसन करना चाहिए। ऐसा करने से उनकी पीठ पुराने स्वरूप में आ जाती है।