सूर्य नमस्कार दिखने में बेहद आसान होता है लेकिन इसकी प्रक्रिया में यदि कोई भी गलती हो जाए तो लाभ नहीं मिल पाते हैं। सूर्य नमस्कार में 12 प्रकार के आसन होते हैं, जिन्हें याद रखना शुरुआत में एकदम आसान नहीं होता है। उन्हें करते वक्त गलतियां होना बहुत आम बात है। लेकिन यदि सही ढंग से नियमित सूर्य नमस्कार का अभ्यास हो तो गलतियों के होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। अगली स्लाइड्स से जानिए सूर्य नमस्कार के दौरान किन बातों का ध्यान रखते हुए नहीं करना चाहिए गलतियां।
सूर्य नमस्कार करते वक्त न करें ये गलतियां, नहीं उठा पाएंगे लाभ
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जल्दबाजी करना
कई लोगों की आदत होती है कि वे फटाफट सूर्य नमस्कार करते हैं। ऐसे में गलतियां होना स्वाभाविक है। हर आसन को आपको बराबर समय देना होगा, साथ ही आपको अपनी श्वास पर भी ध्यान देना होगा। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपके आसन ठीक से बनेंगे ही नहीं। वे पूरे नहीं हो सकेंगे और जिस प्रकार उनका लाभ आपको मिलना चाहिए था, वो मिल भी नहीं सकेगा।
दो आसनों को साथ में करना
कई बार लोग 12 आसनों का नाम सुनकर आलसी होने लगते हैं। ऐसे में वे फटाफट से दो आसन साथ करने लगते हैं। वे कोब्रा पोज और अपवॉर्ड डॉग फेसिंग पोज को एकसाथ कर देते हैं। यदि आप चाहते हैं कि शरीर को ताकत मिले तब तो आपके लिए बहुत जरूरी है कि आप कोब्रा पोज को अलग से और अच्छे से करें। हर आसन का अपना फायदा है इसलिए ठीक से करें।
आसनों को पूरा करें
यदि सूर्य नमस्कार के तुरंत बाद जल्दबाजी में कोई काम करना है तो अधूरे आसन करने की बजाय उस वक्त सूर्य नमस्कार न करें। जब आपके पास सही समय हो तभी आप सूर्य नमस्कार करें। यदि जल्दबाजी में आधे- अधूरे आसन करेंगे तो आपको दुष्परिणाम भोगने पड़ सकते हैं इसलिए जो तरीका और समय बताया गया है, उसी अनुसार आसन करें।
आपको प्रशिक्षक द्वारा जो आसनों का क्रम बताया गया है, आप उसी अनुसार आसन करें। यदि खुद से क्रम में बदलाव करेंगे तो कोई शारीरिक समस्या भी हो सकती है। इसलिए पूरे 12 आसन की जो प्रक्रिया है, उसे व्यवस्थित ढंग से पूरा अवश्य करें। किसी आसन को बीच में छोड़ें न और यदि गलती से करना भूल गए हैं तो वापिस करने न लौटें।