सेंडेंटरी लाइफस्टाइल या जीवनशैली में गतिहीनता को मौजूदा समय में बढ़ रही कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण माना जा रहा है। गतिहीन जीवशैली का मतलब, एक ही जगह पर लगातार बैठे रहने या शारीरिक गतिविधियों में कमी से है। इसके कारण ब्लड सर्कुलेशन की समस्याओं के साथ मांसपेशियों और हड्डी में कमजोरी की दिक्कत कम उम्र के लोगों में भी देखी जा रही है। इतना ही नहीं बढ़ते डायबिटीज और हृदय रोगों के लिए भी सेंडेंटरी लाइफस्टाइल को प्रमुख जोखिम कारक के तौर पर देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी उम्र के लोगों को इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए शारीरिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
Yoga Tips: सेंडेंटरी लाइफस्टाइल वालों को लिए बहुत कारगर है ब्रिज पोज का अभ्यास, जानिए इसके क्या फायदे हैं?
ब्रिज पोज या सेतुबंधासन
ब्रिज पोज योग काफी सुरक्षित और शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी योगाभ्यास है। ब्रिज पोज़ को बैकबेंड के रूप में वर्गीकृत किया गया है। शारीरिक सक्रियता को बढ़ाने के साथ पीठ, रीढ़ और कमर की तमाम दिक्कतों को कम करने के लिए रोजाना इस योग का अभ्यास किया जा सकता है।
सेतुबंधासन योग करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को बगल में रखें। अब धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़कर हिप्स के पास ले आएं। हिप्स को जितना हो सके फर्श से ऊपर की तरफ उठाएं। कुछ देर के लिए इस स्थिति में सांस को रोककर रखें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस पूर्ववत अवस्था में आ जाएं।
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल दूर करने में सेतुबंधासन के लाभ
सेतुबंधासन योग शारीरिक निष्क्रियता की समस्या को दूर करते हुए मांसपेशियों और हड्डियों को स्वस्थ रखने और रक्त का संचार बढ़ाने में काफी कारगर अभ्यास माना जाता है। इस योग का नियमित अभ्यास शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को ठीक रखने में विशेष लाभप्रद हो सकता है। सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के शिकार लोगों को दिनचर्या में इस योग को जरूर शामिल करना चाहिए।
- तनाव और अवसाद के लक्षणों को कम करता है।
- पेट, फेफड़े और थायराइड के अंगों को उत्तेजित करके इससे संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करता है।
- पैरों में रक्त के संचार को बढ़ाकर मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने में विशेष लाभदायक है।
- पाचन में सुधार करने वाला योगाभ्यास।
- पीठ, ग्लूट्स, टांगों और टखनों को मजबूत बनाता है।
- सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण जिन लोगों को अक्सर कमर, पीठ में दर्द रहती है, उनके लिए इस योग का अभ्यास विशेष फायदेमंद हो सकता है।
सेतुबंधासन योग को लेकर सावधानियां
वैसे तो सेतुबंधासन योग, सभी लोगों के लिए काफी सुरक्षित अभ्यास में से एक है, इससे किसी तरह का नुकसान नहीं होता है, हालांकि आपको हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श के बाद भी किसी अभ्यास या व्यायाम की शुरुआत करनी चाहिए। प्र
शिक्षित योग शिक्षक की निगरानी में इस अभ्यास को करना ज्यादा बेहतर माना जाता है। जिन लोगों को गर्दन में या हाथ में चोट लगी हो उन्हें इसके अभ्यास से बचना चाहिए। हाल ही में यदि आपकी सर्जरा या कोई फ्रेक्चर हुआ है तो भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही यह अभ्यास करें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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