रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर एक गंभीर बिमारी बनकर उभर रही है। दिन प्रति दिन यह बीमारी विकराल रुप ले रही है। इस बीमारी की चपेट में न केवल बड़े बल्कि बच्चे भी आ रहे हैं। कुछ समय पहले यह समस्या उम्र बढ़ने पर होती थी, लेकिन बदलते वक्त के साथ अब यह बीमारी किसी को भी हो जा रही है। यह बीमारी ज्यादा तनाव और गलत खाने-पीने से हो जाती है। अगर इस बीमारी का पारिवारिक इतिहास हो तो जोखिम और बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर की बीमारी में लोग अक्सर दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन योग और व्यायाम के माध्यम से भी इस बीमारी को रोका जा सकता है।
रक्तचाप बढ़ने से रोकेंगे ये 5 ब्रीदिंग एक्सरसाइज, नियमित अभ्यास कर रहेंगे तनाव से मुक्त
साम वृत्ति
साम वृत्ति एक सरल सांस लेने की तकनीक है, जिसे कहीं भी किया जा सकता है। इसे करने से आपको शांति मिलेगी और आपको बहुत आराम भी मिलेगा। साम वृत्ति उच्च रक्त चाप को नीचे लाता है। इस व्यायाम को सोने जाने से पहले करने से आपको अधिक फायदेमंद होगा।
कपालभाती प्राणायाम
कपालभाती प्राणायाम भी एक ब्रीदिंग एक्सरसाइज है। इस प्राणायाम के कई स्वास्थय लाभ है। सुबह खाली पेट इस प्राणयाम को करने से भरपूर फायदा मिलता है। कपालभाती खून को डिटॉक्सीफाई कर उच्च रक्तचाप को कम करता है। कपालभाती प्राणायाम के करने से हमारा तंत्रिका तंत्र पुर्नजीवित होता हैं। इसे करने से मधुमेह रोगियों को भी बेहद लाभ मिलता है। ये आसन पेट के अंगो को उत्तेजित करके रक्त प्रवाह को अच्छा करता है।
अनुलोम विलोम प्राणायाम
अनुलोम विलोम एक प्राणायाम है। इस प्राणायाम को करने के लिए नाक के दाएं छिद्र से सांस खींचते हुए बायीं नाक के छिद्र से सांस बाहर निकालते है। इसी तरह अगर नाक के बाएं छिद्र से सांस खींचते है, तो नाक के दाहिने छिद्र से सांस को बाहर निकालते है। यह प्राणायाम शरीर के सभी नाड़ियों का शोधन करती है। इसके नियमित अभ्यास से मधुमेह और उच्च रक्तचाप के खतरे को कम किया जा सकता है।
सीतकारी प्राणायाम
सीतकारी प्राणायाम हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर के लेवल को कम करने में भी मदद करता है। इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से तनीव से भई मुक्ति मिलती है।