योग सिर्फ मानसिक ही नहीं, कई प्रकार की शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी मददगार हो सकते हैं। मोटापा के खतरे को कम करने, रक्त संचार को बेहतर बनाने से लेकर पाचन स्वास्थ्य में सुधार के लिए भुजंगासन योग के अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। भुजंगासन योग का अभ्यास आसान और अति प्रभावी है, जिसे हर उम्र के लोग करके आसानी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। दिनचर्या में नियमित रूप से इस योग को शामिल करके लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण होने वाली कई तरह की समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
Yoga Tips: शरीर का फैट कम करने, बेहतर रक्त संचार और पाचन में लाभकारी है भुजंगासन योग, रोजाना करें इसका अभ्यास
फैट को कम करने के लिए करें अभ्यास
भुजंगासन योग का अभ्यास उन लोगों के लिए विशेष लाभप्रद हो सकता है जो वजन कम करने की कोशिशों में लगे हुए हैं। यह पेट के हिस्से से अतिरिक्त फैट को कम करने, मांसपेशियों की शक्ति और कार्यक्षमता को बढ़ाने में आपके लिए लाभकारी माना जाता है। इस आसन के अभ्यास से मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट होता है, जिससे कैलोरी बर्न होती है। इसके अलावा, कोबरा पोज़ योग, अतिरिक्त वसा को कम करते हुए और रीढ़ की मांसपेशियों को टोन करने और पीठ के दर्द से राहत दिलाने में विशेष लाभकारी अभ्यास है।
पाचन विकारों में मिलता है लाभ
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के लिए भी भुजंगासन योग के नियमित अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से पाचन अंगों की कार्यक्षमता बढ़ती है और इसे पाचन रस के स्राव को उत्तेजित करने वाला अभ्यास भी माना जाता है। यह भोजन के बेहतर अवशोषण को सुनिश्चित करने वाला अभ्यास है। जिन लोगों को अक्सर कब्ज या पेट से संबंधित समस्याएं बनी रहती हैं, ऐसे लोगों को कोबरा पोज के अभ्यास से लाभ मिल सकता है।
रक्त परिसंचरण और लचीलेपन में होता है सुधार
भुजंगासन योग मुद्रा हृदय और विभिन्न अंगों की रक्त वाहिकाओं में ऑक्सीजन के बेहतर संचालन में मदद करता है। अच्छा रक्त परिसंचरण, अपशिष्ट उत्पादों को कम करते हुए पोषक तत्वों और हार्मोन को बढ़ावा देता है। इसे पीठ के निचले हिस्से के दर्द और विकारों के जोखिम को कम करने वाले अभ्यास के तौर पर भी जाना जाता है। जिन लोगों को पीठ-कमर में दर्द रहती है उन्हें इस योग के अभ्यास से विशेष लाभ मिल सकता है। दिनचर्या में भुजंगासन को शामिल करना सेहत के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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