आज के समय में लोग कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। चिंता की बात ये है कि जो बीमारियां कभी उम्र बढ़ने के साथ होती थी, वह अब कम उम्र में लोगों को होने लगी है। ये समस्याएं शारीरिक निष्क्रियता के कारण होती हैं। इस तरह की समस्या से बचने के लिए नियमित व्यायाम या योगासन करना चाहिए। नियमित योगासन आपके स्वास्थ्य और मन मस्तिष्क के लिए फायदेमंद होता है। योग से शरीर के सभी अंगों में रक्त और ऑक्सीजन के संचार को आसानी से बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए भुजंगासन लाभदायक है। भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहते हैं। भुजंगासन का नियमित अभ्यास कई गंभीर रोगों के खतरे को कम करने में मदद करता है, साथ ही शरीर में नई स्फूर्ति का संचार करता है। भुजंगासन कई तरह की शारीरिक समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। आइए जानते हैं भुजंगासन के फायदे और इसे करने के तरीके के बारे में।
Yoga Tips: भुजंगासन करने के ये हैं जबर्दस्त फायदे, इन समस्याओं से रहेंगे सुरक्षित
भुजंगासन करने का तरीका
स्टेप 1- इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं।
स्टेप 2- अब अपनी दोनों हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें।
स्टेप 3- शरीर के निचले भाग को जमीन पर रखते हुए सांस लें।
स्टेप 4- इस दौरान छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें।
स्टेप 5- फिर सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं।
भुजंगासन करने का लाभ
तनाव और डिप्रेशन की समस्या से छुटकारा
इस आसन के नियमित अभ्यास से अक्सर तनाव और डिप्रेश रहने वाले लोगों को फायदा होता है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए भुजंगासन करें। इसके अलावा अवसाद के लक्षणों को कम करने और वात दोष को कम करने में भी मदद मिलती है।
थायरॉइड की समस्या में फायदेमंद
कोबरा पोज, गले और थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करने में सहायक माना जाता है। जिन लोगों को थायरॉइड की समस्या हो उन्हें भुजंगासन नियमित अभ्यास करने से लाभ मिलता है। योगासन हार्मोन के स्राव को संतुलित करने में सहायक है जिससे थायरॉइड की जटिलताओं को कम किया जा सकता है।
गठिया की समस्या से छुटकारा
पहले उम्र के साथ गठिया की शिकायत होती थी, लेकिन अब कम उम्र में ही लोगों को रीढ़ और कमर की हड्डी में दर्द की समस्या रहती है। गठिया की समस्या के लिए भुजंगासन का अभ्यास करें। इस योग से शरीर को पूर्ण आराम देने के साथ, ऊतकों और कोशिकाओं को ठीक रखने में भी मदद मिलती है।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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