तेजी से दौड़ती-भागती इस दुनिया में तनाव और चिंता की समस्या होना काफी सामान्य है, हालांकि लंबे समय तक ऐसी स्थिति अवसाद यानि की डिप्रेशन का कारण बन सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनियाभर में सभी उम्र के 30 करोड़ से अधिक लोग अवसाद से पीड़ित हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि जीवनशैली में कुछ साधारण बदलाव जैसे योग, ध्यान और खाने की बेहतर आदतें इस गंभीर समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायक हो सकती हैं।
आज का योग: दूर होगी तनाव और डिप्रेशन की समस्या, बस रोजाना इन योगासनों का करें अभ्यास
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चाइल्ड पोज योगासन
तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने में चाइल्ड पोज योगासन को विशेष लाभदायक माना जाता है। बालासन नाम से प्रसिद्ध यह योग शरीर को आराम दिलाने के साथ तंत्रिका तंत्र को शांत करके तनाव और चिंता को कम करता है। इस योग को करने के लिए मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं। अब श्वास अंदर लेते हुए दोनों हाथों को सीधा सिर के उपर उठा लें। श्वास बाहर छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और हथेलियों और सिर को ज़मीन पर टिकाएं। लंबी श्वास अंदर लें और बाहर छोड़ें। दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ते हुए सिर को दोनों हथेलियों के बीच में धीरे से रखें।
कोबरा पोज योग
अवसाद की समस्या को कम करने में कोबरा पोज योग को लाभदायक माना जाता है। यह अवसाद के लक्षणों को कम करने के साथ वात दोष को कम करने में मदद करता है। वात दोष के कारण उदासी और चिंता की भावना बढ़ जाती है। इस योग के लिए जमीन पर लेट जाएं और अपनी हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। अपने निचले शरीर को जमीन पर रखते हुए श्वास लें और अपनी छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें। सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं।
भ्रामरी प्राणायाम
मन को शांत करने में सभी प्रकार के प्राणायाम को विशेष लाभदायक माना जाता है। भ्रामरी प्राणायाम आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में सहायक हैं। इस योगाभ्यास को करने के लिए सबसे पहले शांत वातावरण में बैठ जाएं और पूरे शरीर को शिथिल कर लें। हाथों को अपने सिर के पास ले जाएं। अंगूठे को अपने कानों के अंदर, तर्जनी को पलकों पर, मध्यमा को नाक, अनामिका को अपने ऊपरी होंठ पर और छोटी उंगली को अपनी ठुड्डी पर रखें। गहरी सांस लें और फिर ओम जैसे उच्चारण के साथ सांस छोड़ें। इससे आपके सिर में कंपन पैदा होगा।
तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं में कपालभाति प्राणायाम करना लाभदायक माना जाता है। मन को शांति देने के साथ नकारात्मक विचारों को दूर करने में यह प्राणायाम काफी फायदेमंद हो सकता है। इस आसन को करने के लिए भी सबसे पहले शरीर को एकदम से सीधा रखते हुए ध्यानपूर्वक में बैठ जाएं । इसके बाद एक गहरी श्वास लें। अब इसे नाक से तेजी से छोड़ें, इसमें झटके से पेट को अंदर की ओर ले जाएं। सांस छोड़ते समय नाक से छक की आवाज़ होगी।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।