क्या आपको भी बरसात के दिनों में त्वचा में खुजली और जलन की समस्या हो जाती है? त्वचा पर दाद-खाज की दिक्कत बढ़ जाती है, ये फंगल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।
संक्रमण का खतरा: पसीना और नमी बन सकती है फंगल इंफेक्शन की वजह, ऐसे करें संक्रामक रोगों से बचाव
फंगल इंफेक्शन गर्मी, पसीने और नमी के कारण बढ़ सकता है। इसमें दाद, खुजली, जलन व लाल चकत्तों जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। साफ-सफाई और त्वचा को सूखा रखना जरूरी है। कुछ घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं।
पहले जानिए फंगल इंफेक्शन होता क्यों है?
फंगस यानी कवकों को गर्म और नम वातावरण पसंद होता है। इसलिए अधिक पसीना आने, त्वचा का लंबे समय तक गीला रहना, बहुत टाइट कपड़े पहनने और प्रभावित हिस्से को ठीक से सूखा न रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।
- कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में भी कुछ फंगल संक्रमण गंभीर हो सकते हैं। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, तौलिया, कंघी या दूसरी व्यक्तिगत चीजें इस्तेमाल करने से भी संक्रमण फैल सकता है।
एलोवेरा और सेब का सिरका कर सकता है मदद
- एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने और खुजली या जलन जैसी परेशानी को शांत करने में मदद कर सकता है। इसमें कुछ एंटीफंगल गुणों के संकेत भी मिले हैं। इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि अगर समस्या ठीक नहीं हो रही है तो समय रहते विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
- इसी तरह सेब के सिरके और नारियल तेल को फंगल इंफेक्शन में घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। कुछ अध्ययनों में इनके एंटीमाइक्रोबियल या एंटीफंगल गुणों की पुष्टि होती है, लेकिन इनसे फंगल इंफेक्शन पूरी तरह ठीक होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। सेब के सिरके को हमेशा पतला करके ही इस्तेमाल करना चाहिए।
नीम इस प्रकार के संक्रमण में लाभकारी
नीम कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। जो कई प्रकार के संक्रमण से बचाने में कारगर है। इसमें एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं, जो फंगस की जड़ तक जाकर उसे खत्म करता है। इसमें दो महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं ‘गेदुनिन' और ‘निबिडोल', ये फंगल इन्फेक्शन को खत्म करने में कारगर हैं। इसका रस निकाल कर भी आप फंगस वाली जगह पर लगा सकते हैं। इसके पत्तों में एंटी फंगल गुण होने की वजह से ये जल्दी असर करता है।
फंगल इंफेक्शन में ये सावधानियां सबसे जरूरी
अगर आपको फंगल इंफेक्शन है तो कुछ बातों पर गंभीरता से ध्यान दें।
- प्रभावित हिस्से को साफ और पूरी तरह सूखा रखें। पसीना आने के बाद कपड़े बदलें और ढीले, साफ कपड़े पहनें।
- तौलिया, कपड़े, कंघी या दूसरी व्यक्तिगत चीजें किसी के साथ साझा न करें। कपड़े, तौलिये और बिस्तर को नियमित रूप से धोएं।
- खुजली होने पर त्वचा को खरोंचने से बचें, क्योंकि इससे संक्रमण फैल सकता है।
- अगर संक्रमण तेजी से फैल रहा है, सिर या नाखूनों तक पहुंच गया है और कई उपायों के बावजूद सुधार नहीं हो रहा है तो त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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