खान पान में पोषक तत्वों की कमी और अस्वच्छ वातावरण का असर आपके शरीर पर होता है। दिनभर की भागदौड़ व कामकाज के बाद शरीर ऊर्जाहीन और थका हुआ होने लगता है। ऊर्जा की कमी से काम की उत्पादकता तो कम होती ही है, साथ ही आत्मविश्वास में भी कमी आती है। आजकल युवाओं में भी ये समस्या देखने को मिलती है कि वह जल्द थक जाते हैं। दिनभर चुस्ती और फुर्ती बनी रहे, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होती है। पौष्टिक आहार से शरीर को ऊर्जा मिलती है लेकिन विशेषज्ञ दिनभर ऊर्जावान रहने के लिए शारीरिक व्यायाम व योग पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं। युवा अपने दैनिक जीवन में कुछ योगासनों को शामिल करके थकान और लो-एनर्जी की समस्या को कम कर सकते हैं। ये योगासन आपको कई बीमारियों से दूर रखकर संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाते हैं। अगली स्लाइड्स में जानिए युवाओं के लिए फायदेमंद योगासन के बारे में जो पूरा दिन रखेंगे ऊर्जावान।
Yoga Tips: युवाओं को फिट रहने के लिए रोज करने चाहिए ये योगासन, ऊर्जा और शक्ति में मिलेगा लाभ
चेयर पोज
इस आसन को उत्कटासन योग भी कहते हैं। इस आसन को करने से पैरों की मांसपेशियां स्वस्थ और मजबूत बनती हैं। शरीर में रक्त को पंप करने में चेयक पोज काफी लाभदायक होता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर को पूरे दिन सक्रिय बनाए रखने के लिए उत्कटासन का नियमित अभ्यास करना चाहिए।
कोबरा पोज
इस योग को भुजंगासन भी कहा जाता है। भुजंगासन का अभ्यास शरीर के सभी मुख्य चक्रों को उत्तेजित करने में सहायक होता है। शरीर को ताकतवर और ऊर्जावान बनाने के लिए भुजंगासन फायदेमंद माना जाता है। इससे कमर, पीठ के दर्द से राहत मिलती है और रक्त संचार ठीक होता है।
व्हील पोज
व्हील पोज को चक्रासन कहा जाता है। इस आसन को करने से शरीर ऊर्जावान बनता है। यह हृदय चक्रों के आसपास किसी भी रुकावट को दूर करके रीढ़ की गतिशीलता और लचीलेपन को बढ़ाता है। चक्रासन से पेट की मांसपेशियां स्वस्थ और बेहतर ढंग से काम करने के योग्य बनती हैं।
शलभासन
इस आसन को करने से शरीर में स्फूर्ति बढ़ती है। पीठ, हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स को मजबूती देने के साथ रक्त के संचार को बढ़ाने में शलभासन नियमित अभ्यास काफी फायदेमंद हो सकता है। रोजाना 5-10 मिनट शलभासन करके शरीर को पूरे दिन एक्टिव बनाए रखा जा सकता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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