आजकल की व्यस्त जीवनशैली में लोगों को तरह- तरह की समस्याएं होने लगती हैं। कई सारे रोगों का निवारण जबकि सिर्फ गहरी सांस लेने भर से हो सकता है। तनाव ,हृदयरोग और पाचनतंत्र को बेहतर बनाने के लिए प्रतिदिन गहरी श्वास का अभ्यास करें। गहरी श्वास का अभ्यास करने के लिए आजकल लोगों के पास समय नहीं होता है। लेकिन अपनी दिनचर्या में से थोड़ा समय निकालकर यदि गहरी श्वास का अभ्यास करें तो नींद भी अच्छी आती है लेकिन गहरी श्वास लेने के साथ ही आपको यह भी पता होना चाहिए कि सही तकनीक क्या है? गहरी श्वास के फायदों को प्राप्त करने के लिए बहुत जरूरी है कि आप गहरी श्वास लेने की विधि को अच्छे से जानें। अगली स्लाइड्स से जानिए गहरी श्वास की विधि और उससे होने वाले लाभों के बारे में।
गहरी सांस लेने से दूर होंगी कई सारी समस्याएं, नियमित करें अभ्यास
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गहरी श्वास लेने की विधि
आराम से बैठने या लेटने के बाद आप धीरे- धीरे नाक से सांस लेते हुए अपने पेट को हवा से भर लें। इसके बाद आप नाक से ही धीरे- धीरे हवा को बाहर निकालें। इस क्रिया को करते समय आप अपना एक हाथ पेट और दूसरे हाथ को सीने पर रखें। धीरे-धीरे सांस लेते समय पेट में हवा भरने की क्रिया को महसूस करें। साथ ही सांस को छोड़ते समय पेट के नीचे जाने को भी आप अनुभव करें।
इन बातों का रखें ध्यान
गहरी सांस लेते समय अपनी आंखों को बंद रखें। शुरुआत में बहुत जल्दी नहीं पर धीरे- धीरे गहरी सांस लें। सांस लेने और छोड़ने का समय एक समान ही होना चाहिए। सांस लेते और छोड़ते समय ज्यादा ताकत न लगाएं। इस अभ्यास को करते वक्त ढीले कपड़े पहनें। इस प्रक्रिया को करीब दस से बीस मिनट तक दोहराते रहें।
गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है
छोटी सांसों का संबंध तनाव और चिंता से होता है। छोटी- छोटी सांसों के कारण व्यक्ति को चिंता, भय और अचानक से तेज-तेज सांस लेने की समस्या होती है। तनाव व चिंता से बचने के लिए बहुत जरूरी है कि आप गहरी सांसें लें। इससे आपके शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलेगी और आप बहुत जल्दी चिंता मुक्त हो जाएंगे।
गहरी सांस लेने से आपके हृदय की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होती है और आप आसानी से फैट कम कर सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार जिन लोगों ने हार्ट अटैक के बाद गहरी श्वास संबंधी तकनीक को अपनाया, उन लोगों में अगले पांच वर्ष तक हार्ट अटैक के होने का जौखिम लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो गया। इसलिए हार्ट के मरीजों को नियमित रूप से गहरी श्वास का अभ्यास करना चाहिए।