5 योगासन जो गैस की समस्या से दिलाएंगे निजात
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पवनमुक्तासन
इस आसन को करते वक्त सबसे पहले पीठ के बल शवासन की मुद्रा में लेट जाएं। इसके बाद धीरे धीरे घुटने को मोड़कर तलवे को जमीन पर टिकाएं। ऐसा करने के बाद दोनों हाथों से घुटने को ऊपर से पकड़ें और सांस लेते हुए पैर के घुटनों को सीने से लगाएं और 10-20 सेकेंड तक सांस रोक कर रखें। इसके बाद घुटने को दोनों हाथों से मुक्त करें फिर सांस छोड़ते हुए पैरों को सीधा करके सामान्य स्थिति में लौट आएं।
इस क्रिया को 4-5 बार एक एक कर के दोनो पैरो से करें। इस योग को करने से गैस्ट्रिक, पेट की बढ़ी हुई चर्बी, कमर दर्द, हृदय रोग, गठिया जैसे कई रोगों में राहत मिलती है। यह आसन उन लोगों को बिल्कुल नहीं करना चाहिए जिन्हें कमर दर्द की शिकायत या घुटनों में तकलीफ हो। वो हमेशा किसी कुशल प्रशिक्षक की देख रेख में ही ये आसन करें।
पीठ के दर्द से परेशान लोगों के लिए यह आसन बेहद गुणकारी है। भुजंग आसन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। फिर दोनों परों को अच्छी तरह से लंबा कर के फैला दें। इसके बाद अपनी ठोड़ी को जमीन पर लगा दें। आपकी दोनों कुहनियां दोनों तरफ की पसलियों से सटी हुई हो साथ ही दोनों हाथों की हथेलियां भी जमीन पर लगा दें। अब अपनें सिर को ज़मीन से लगा दें। और फिर अपनी दोनों आंखें बंद कर के सांस शरीर के अंदर भरते हुए धीरे धीरे ठोड़ी को ऊपर उठाएं, उसके बाद गर्दन को ऊपर आकाश की तरफ उठाएं। फिर अपनी छाती को धीरे धीरे ऊपर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट के भाग को भी धीरे धीरे ऊपर उठा लें। अब आगे, गर्दन को ऊपर की ओर ले जाते हुए पीठ को पीछे की ओर कमान की तरह झुकाएं। ऊपर उठनें के लिए शरीर से जोर लगाएं, हाथों पर हो सके उतना कम बल लगाएं। ध्यान में रखें की दोनों पैरों के अग्र भाग को ज़मीन पर लगा कर सामान्य गति से शरीर के अग्र भाग को ऊपर उठने का प्रयत्न करना है।
इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। इसके बाद अपनी हथेलियों को जमीन पर रखकर अपने मुंह को जमीन से ऊपर की ओर उठाएं। अब दोनों हाथों को जमीन से हटा लीजिये अब आपका शरीर आपके पेट के सहारे जमीन पर टिका हुआ होना चाहिए।
इसके बाद अपने दोनों पैरों को भी जमीन से उपर उठाकर अपने दोनों हाथों से अपने पैरों को पकड़ने का प्रयास करें। इस आसन को करते समय अपने दोनों घुटनों को साथ में जोड़ने की कोशिश करें।
बाल आसन
इस आसन को करते समय वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाइये। अब धीरे-धीरे सांस को अन्दर की ओर खींचते हुए आगे की तरफ झुकने का प्रयास करें। ऐसा करते समय अपने माथे को जमीन पर टिका दें। अब दोनों हाथो को अपने दोनों पैरों के समानांतर कर लें। अब इसी मुद्रा में कुछ देर तक रुक जाएं। इसके बाद वज्रासन की मुद्रा में आते हुए दोनों पैरों को सामने की तरफ खोल लें। इस आसन से शरीर की अकडन दूर होने के साथ शरीर में खून का बहाव भी तेज होता है।