ये कोरोना की मेहरबानी है कि वे सारी चीजें जो हमारे जीवन का खास हिस्सा बन चुकी थी, वे इस साल बिल्कुल भी इस्तेमाल में नहीं आ पाईं। हमारे साथ पासपोर्ट और पावर बैंक जैसी चीजें भी घर में कैद हो गईं। इन वस्तुओं का कोई औचित्य ही नहीं रह पाया क्योंकि घर में रहते हुए जहांं हमने खूब फोन चलाया भी तो उसे चार्ज करने में कोई समस्या नहीं आई, वहीं जब हम अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे, तो पासपोर्ट के काम आने का तो सवाल ही नहीं उठाता है। अगली स्लाइड्स से जानिए किस प्रकार लॉकडाउन ने हमारे जीवन की इन महत्वपूर्ण वस्तुओं को भी अनुपयोगी साबित कर दिया।
Year Ender 2020: कोरोनाकाल में इन 4 महत्वपूर्ण चीजों पर जम गई धूल, नहीं आई इस्तेमाल में
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पासपोर्ट
साल की शुरुआत में लोगों ने घूमने- फिरने की जितनी भी योजनाएं बनाई थीं, सब पर कोरोना ने पानी फेर दिया। कई सारे लोगों का नियम होता है कि छुटि्टयों में सालभर में एक बार तो विदेश यात्रा कर ही ली जाए लेकिन इस बार कोई भी ऐेसा कुछ नहीं कर पाया। विदेश तो क्या लोग अपने ही देश में नहीं घूम पाए। ऐसे में पासपोर्ट का कोई उपयोग ही नहीं हो पाया। कई सारे लोग जो इस वर्ष पासपोर्ट बनवाने वाले थे, वे भी अब अगले साल से थोड़ी बहुत उम्मीदें लगाएं बैठे हैं।
पावर बैंक
पिछले 4-5 सालों में पावर बैंक लोगों के जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है। कोई भी व्यक्ति किसी भी काम से देश के किसी भी कोने में बिना किसी चिंता के पावर बैंक के सहारे जा सकता है। पावर बैंक के होने से मोबाइल की चार्जिंग को लेकर कोई चिंता नहीं रहती है। लेकिन इस वर्ष तो अधिकांश लोगों को किसी भी कार्य से कहीं भी नहीं जाना पड़ा। ऐसे में पावर बैंक घर के एक कोने में ही रखा रह गया।
यूनिफॉर्म
कोरोनाकाल ने स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों से लेकर दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को तक घर पर बैठा दिया। ऐसे में लॉकडाउन के पहले जो ड्रेस प्रेस करके घड़ी करके पहनने के लिए रखी गई थी, उसका अभी तक भी मुहूर्त नहीं निकल पाया है। सभी ने घर से जब काम किया तो अपनी सुविधानुसार आरामदायक कपड़ों में ही किया। घर से पढ़ने या काम करने में कहीं भी यूनिफॉर्म का नियम नहीं देखा गया।
स्वीम सूट
लोगों के स्वीम सूट भी ऐसे ही रखे रह गए। गर्मियों के दिनों में जहां बहुत सारे लोग तैराकी का प्रशिक्षण लेते हैं या शौक से तैराकी के लिए जाते हैं, वहां इस बार तो कोरोना ने लोगों को गर्मियों में घर से निकलने ही नहीं दिया। लोग और स्वीम सूट दोनों घरों में कैद हो गए। जिन लोगों ने सोचा था कि वे बीच पर जाकर स्वीम सूट पहन लेंगे तो उनके बीच पर जाने के अरमान भी पूरे नहीं हो पाए।