राजस्थान में कहते हैं, 'पधारो म्हारे देश'... विश्व पर्यटन दिवस पर हर भारतीय की यही चाहत है, क्योंकि कृषि के बाद देश का सबसे बड़ा रोजगार प्रदान करने वाला सेक्टर पर्यटन का है। बीते एक दशक में भारत ने विकास और आर्थिक प्रगति की जो राह पकड़ी है, उस में देश के पर्यटन उद्योग की बड़ी भूमिका रही है। देश का जो वैश्विक उभार सामने आया है, उसने दुनिया की नजर में भारत को सबसे पसंदीदा स्थल के रूप में स्थापित किया है। अतुल्य भारत की चमक और आकर्षण ने भारत को विश्व में एक ऐसे देश के रूप में प्रतिष्ठित किया है, जिसके पास हजारों वर्षों की परंपरा और इतिहास है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि एक ऐसे दौर में जब संस्कृति और सभ्यता के कई प्रवाह मिटते जा रहे हैं, भारतीय संस्कृति को लेकर विश्व की जिज्ञासा और दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। भारत आज जब उद्यम और विकास की नई पटकथा लिख रहा है। 70 मिलियन प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने वाला पर्यटन क्षेत्र भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में एक बड़ा रोल निभा सकता है।
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भारत विश्व के 50 अति सुंदर देशों की रैंकिंग में 7वें स्थान पर
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दरअसल, भारत के पास खुद को विश्व स्तर पर पर्यटन क्षेत्र में स्थापित करने के लिए सभी संसाधन मौजूद हैं। बीते एक दशक में जितने विदेशी पर्यटकों ने भारत का रुख किया, वह किसी भी कालावधि के लिए एक मील स्तंभ है।
फोर्ब्स पत्रिका ने अगस्त 2023 में भारत को विश्व के 50 अति सुंदर देशों की रैंकिंग में 7वां स्थान दिया था। बात एशिया और प्रशांत क्षेत्र की करें तो हम उन शीर्ष 10 देशों में शामिल है, जहां विदेशी पर्यटक सबसे ज्यादा आते हैं। भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या हर वर्ष तेजी से बढ़ रही है। अकेले साल 2023 की बात करें तो जनवरी से दिसंबर के बीच 9.24 मिलियन विदेशी भारत आए। इससे एक वर्ष पूर्व की समान कालावधि के मुकाबले यह ग्रोथ 43.5 फीसदी से ज्यादा की है। बीते वर्ष में 2.32 लाख करोड़ रुपए जुटाकर देश के पर्यटन उद्योग ने अपना प्रबल सामर्थ्य दिखाया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले 65.74 फीसदी के शानदार उछाल को दिखाता है।
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भारत ऐतिहासिक स्मारकों से लेकर प्राकृतिक सौंदर्य तक पर्यटन आकर्षण की एक विशाल श्रृंखला का दावा करता है
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हालांकि, अच्छे ग्रोथ नंबर्स के बावजूद हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि इंडियन टूरिज्म सेक्टर के आगे कई चुनौतियां भी हैं। हमारे आगे जो बड़ी चुनौतियां हैं, उनमें सबसे अहम है बुनियादी ढांचे का अपेक्षित विकास। निश्चित रूप से भारत दुनिया के सामने खुद को ऐतिहासिक स्मारकों से लेकर प्राकृतिक सौंदर्य तक पर्यटन आकर्षण की एक विशाल श्रृंखला का दावा करता है, लेकिन परिवहन से लेकर स्थानीय स्तर पर आवासीय समस्या जैसी कमियां अब भी हमारे सामने हैं।
महानगरों की स्वच्छता और वहां का भीड़भाड़ भरा ट्रैफिक भी एक बड़ी समस्या है। यह पर्यटकों के भारत भ्रमण के अनुभव को प्रभावित करते हैं। एक बड़ी चुनौती यह भी है कि भारत की संस्कृति और विरासत का विस्तार इतना व्यापक है कि अब भी कई क्षेत्र और स्थल ऐसे हैं, जिसको पर्यटन के लिहाज से महत्व और उभार देने की जरूरत है।
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इंडियन टूरिज्म सेक्टर की ग्रोथ की संभावना बढ़ी
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हाल-फिलहाल में कई ऐसे अध्ययन और रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिनमें इंडियन टूरिज्म सेक्टर के ग्रोथ और उससे जुड़ी संभावनाओं को लेकर कई आशावादी तथ्यों को रेखांकित किया गया है। मैक्किंज़े एजेंसी की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि टूरिज्म सेक्टर का ग्रोथ अगर इसी तरह जारी रहा तो इस क्षेत्र से जुड़ा हमारा डोमेस्टिक मार्केट जापान और मैक्सिको को पीछे छोड़ देगा।
साल 2030 तक दुनिया में इस लिहाज से भारत चौथा सबसे बड़ा बाजार बन सकता है। हमारी सरकार ने साल 2030 तक पर्यटन उद्योग के जरिए 56 बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा अर्जित करने और अगले सात वर्ष में 14 करोड़ नौकरियों के सृजन करने का लक्ष्य रखा है।