World Diabetes Day 2022: यात्रा की सबसे खास बात होती है, वहां के व्यंजनों के माध्यम से उस शहर या जगह की संस्कृति के बारे में जानना। सफर के दौरान लोग अलग-अलग जगहों के खाने का स्वाद लेते हैं, लेकिन मधुमेह रोगियों के लिए स्थानीय खानपान का लुत्फ लेना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। हर दिन बाहर का खाना और ऐसे भोजन का सेवन करना, जिसे कितनी शुद्धता के साथ बनाया गया है, ये सब पता न होने पर मधुमेह रोगियों का शुगर स्तर बढ़ने की आशंका रहती है। सफर और छुट्टियों के दौरान आप खुद को उसी नियंत्रित रूटीन में बांधकर नहीं रख पाते, जो दिनचर्या आप नियमित अपनाते हैं। ऐसे में मधुमेह रोगियों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण अनुभव बन जाता है। 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर विशेषज्ञ से जानें कि यात्रा के दौरान मधुमेह रोगी किस तरह से यात्रा के दौरान रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं ताकि बिना किसी चिंता के मजेदार तरीके से सफर का लुत्फ उठा सकें।
Travel Tips For Diabetes Patients: सफर के दौरान मधुमेह रोगी भूल से भी न करें ये गलतियां, सेहत का रखें ध्यान
स्थानीय खानपान पर शोध
एक अंतरराष्ट्रीय मेडिकल कंपनी में कार्यरत डॉ. गणेश काधे बताते हैं कि भारत में ही किसी शहर की या विदेश की यात्रा कर रहे हैं तो मधुमेह रोगी को यात्रा से पहले उस देश या क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजनों के बारे में जानकारी एकत्र कर लेनी चाहिए। उस जगह से जुड़ी ऐसे व्यंजन, जिनके बारे में आप अपरिचित हों, उसके बारे में जानकर आप तय कर सकते हैं कि वह मधुमेह रोगियों के लिए कितना फायदेमंद या नुकसानदायक हो सकता है। इस बारे में आप चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही नए व्यंजनों का सेवन करें।
स्थानीय तौर तरीकों के लिए तैयार रहें
अलग अलग देशों या शहरों के कुछ न कुछ अलग तौर तरीके होते हैं। उदाहरण के लिए दक्षिण भारत में रात के खाने का समय काफी जल्दी होता है। यहां लगभग शाम साढ़े सात बजे तक भोजन कर लिया जाता है। वहीं स्पेन में लोग देर रात भोजन करते हैं। यहां सामान्यत: भोजन का समय करीब 9 या 10 बजे होता है। ऐसे में यात्रा के दौरान खानपान के समय को लेकर परिवर्तन होने की संभावना रहती है। मधुमेह रोगियों को अपने निर्धारित समय के मुताबिक ही भोजन करना चाहिए। अपने रक्त शर्करा को सामान्य रखने और हाइपोग्लाइसीमिया से बचने के लिए यह सुनिश्चित करें कि कितने अंतराल में आपको खाने की जरूरत है। कुछ न कुछ स्नैक्स अपने साथ जरूर रखें।
नियमित डाइट प्लान को बनाए रखें
मधुमेह रोगी अगर भारी कार्बोहाइड्रेट डाइट के साथ किसी जगह की यात्रा कर रहे हैं तो सफर से कुछ हफ्ते पहले ही अपने भोजन को मापना शुरु कर दें। यानी आप कितने कार्बोहाइड्रेट का सेवन प्रतिदिन कर रहे हैं, इसका अनुमान होने पर सफर के दौरान आप इस डाइट को बनाए रखने का प्रयास कर सकते हैं। यात्रा के दौरान स्वादिष्टता, सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों के कारण सेवन में उतार चढ़ाव हो सकता है। लेकिन मधुमेह रोगी ध्यान रखें कि वह अपने खानपान में पोषक तत्वों की खुराक जरूर शामिल रखें, ताकि रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने में मदद मिले।
खुलकर पूछें सवाल
अक्सर जब आप किसी रेस्तरां में जाते हैं तो उस स्थान विशेष का स्थानीय व्यंजन आर्डर कर देते हैं। हालांकि आपको पता नहीं होता कि व्यंजन को बनाने में कौन से साॅस, तेल या मसालों का उपयोग किया गया है, जो बाद में हाई शुगर और वसा बढ़ा देता है। इसलिए व्यंजन का लुत्फ उठाने से पहले वेटर या शेफ से व्यंजन के बारे में पूछें। खाना ऑर्डर करते समय आप 'नो शुगर' या 'मोर वेजिटेबल' जैसे निर्देश दे सकते हैं और अपनी स्वास्थ्य परेशानी बता कर स्टाफ से हेल्दी खाने के बारे में जान सकते हैं।
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