भोलेनाथ की नगरी कही जाने वाली वाराणसी में सावन के महीने में श्रद्धालुओं की भीड़ इकठ्ठा होती है। भगवान शिव के खास दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु यहां पैदल यात्रा करके भी पहुंचते हैं। अपने शानदार गंगा घाट के लिए मशहूर वाराणसी मंदिर काशी विश्वनाथ के अलावा एक और प्रसिद्द मंदिर के लिए मशहूर है। यहां परिवार सहित घूमने का प्लान बनाएं क्योंकि ये खूबसूरत ऐतिहासिक शहर आपके बजट में है और यहां देखने के लिए बहुत कुछ है।
काशी विश्वनाथ के अलावा यहां पशुपति नाथ मंदिर भी है, जो काफी प्रसिद्ध है। यह मंदिर नेपाली मंदिर के नाम से भी मशहूर है। ललिता घाट पर स्थित भगवान पशुपति नाथ का मंदिर नेपालियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसके संरक्षण का काम भी नेपाल सरकार ही करती है। काशी और नेपाल के पशुपति नाथ के मंदिर में बिल्कुल एक जैसी परंपरा के अनुसार पूजापाठ भी नेपाली समुदाय के लोग ही करते हैं।
माना जाता है कि इस मंदिर में दर्शन-पूजन का फल नेपाल के पशुपति नाथ के दर्शन-पूजन के समान ही मिलता है।जहां मां गंगा के तट पर बसी है तो वहीं काठमांडू शहर बागमती नदी के किनारे विकसित हुआ। काशी और नेपाल में स्थित पशुपति नाथ के मंदिर की नक्काशी हूबहू है। मंदिर के भीतर गर्भगृह में पशुपति नाथ के रूप में शिवलिंग स्थापित है।
ऐसे पहुंचें वाराणसी
रेलमार्ग: किसी भी शहर से आप वाराणसी ट्रेन के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं।
सड़कमार्ग: आसपास के जिलों से बनारस की बस भी उपलब्ध है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज से वाराणसी के लिए बस आराम से मिल सकती है।
हवाई मार्ग: वाराणसी का बाबतपुर हवाई अड्डा भी देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है।