फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दिल्ली से कुछ घंटे की दूरी पर पहाड़ों में बसा है भारत का सबसे पुराना इतिहास, इस वीकेंड बना लें प्लान

Tue, 11 Jun 2019 11:04 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क Published by: पंखुड़ी सिंह Updated Tue, 11 Jun 2019 11:04 AM IST
विज्ञापन
travel himachal pradesh kangra fort near dharmshala in summer 2019
हम अक्सर सुकून और शांति की तलाश में या मूड फ्रेश करने के लिए घूमने निकलते हैं। साल में एक बार किसी बेहतरीन जगह जाना भी चाहिए। ऐसे में देश के इतिहास से जुड़ी दिलचस्प जगह देखने को मिले तो विश्वास मानिए सफर खूबसूरत होने के साथ-साथ ज्ञानवर्धक बन जाता है और आपको पता भी नहीं चलता। अगर हिल स्टेशन जाने का प्लान है तो दिल्ली के करीब इस जगह जरूर जाएं और इतिहास को करीब से देखें। 

 
travel himachal pradesh kangra fort near dharmshala in summer 2019
हिमाचल प्रदेश की मशहूर जगह धर्मशाला से करीब 20 किमी दूर स्थित कांगड़ा जिले में भारत के सबसे पुराने किलों में से एक कांगड़ा फोर्ट स्थित है। यह भारत के सबसे बड़े किलों में से एक है और यह शिवालिक हिलसाइड के पास 463 एकड़ में फैला हुआ है। 
 
travel himachal pradesh kangra fort near dharmshala in summer 2019
कांगड़ा फोर्ट को लेकर कई कहानियां हैं जो कि लूट, विश्वासघात और विनाश से जुड़ी हैं। ऐसा कहा जाता है कि किले का निर्माण कटोच वंश के महाराजा सुशर्मा चंद्र ने कराया था। कटोच वंश का पता प्राचीन त्रिजटा राज्य से चलता है जिसका जिक्र महाभारत में अहम जनपद के रूप में किया गया है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
travel himachal pradesh kangra fort near dharmshala in summer 2019
- फोटो : social media
त्रिजटा के राजा सुशर्मा चंद्र ने युद्ध में अहम किरदार निभाया था जब उन्होंने अर्जुन का ध्यान भटका दिया और इस बीच द्रोणाचार्य ने चक्रव्यूह बनाया जिससे अर्जुन के बेटे अभिमन्यु को मारा गया। कौरवों की हार के बाद राजा सुशर्मा चंद्र के वंशजों ने अपनी राजधानी कांगड़ा को बना लिया। एक समय था जब कांगड़ा किला अपार धन के लिए मशहूर था। यही वजह थी कि इस पर महमूद गजनी, मोहम्मद बिन तुगलक, फिरोज शाह तुगलक, अकबर ने हमले किए। 
 
विज्ञापन
travel himachal pradesh kangra fort near dharmshala in summer 2019
- फोटो : social media
1789 में आखिरकार कटोच वंश के राजा संसार चंद द्वितीय ने मुगलों से अपने प्राचीन किले को जीता लेकिन 1809 में महाराजा रणजीत सिंह ने किले पर कब्जा कर लिया। उसके बाद यह अंग्रेजों के अधीन हो गया। धर्मशाला और मैकलॉडगंज से यहां कुछ दूरी का रास्ता है। किले के पीछे महाराजा संसार चंद कटोच म्यूजियम है जिसे कटोच परिवार के द्वारा चलाया जाता है। यहां भी एक बार जाया जा सकता है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed