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कमाल के हैं ये खूबसूरत ट्रैकिंग डेस्टिनेशन, गर्लफ्रेंड और दोस्तों के साथ यहां करें एन्जॉय
Tue, 08 Jan 2019 12:50 AM IST
मोना नारंग
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: मोना नारंग
Updated Tue, 08 Jan 2019 12:50 AM IST
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jungle trekking
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अगर आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं और अपने दोस्तों एवं गर्लफ्रेंड्स के साथ खूब एन्जॉय करना चाहते हैं तो हम आपको पांच खूबसूरत ट्रैकिंग डेस्टिनेशन के बारे में बता रहे हैं।ये ट्रैकिंग डेस्टिनेशन आपको रिलेक्स रखेंगे और यहां पहुंचने में ज्यादा दिक्कत भी नहीं होगी।इन जगहों पर आप ट्रेन, बस और हवाई जहाज से आसानी से पहुंच सकते हैं। तस्वीरों में जानिए इन खूबसूरत ट्रैकिंग डेस्टिनेशन के बारे में...
jungle trekking
कान्हा नेशनल पार्क
अगर आपको जंगल भाते हैं, पहाड़ सूकूं देते हैं, नदियां दिल को खुश कर देती हैं तो आप कान्हा नेशनल पार्क जरूर जाएं। यह नेशनल पार्क मध्य प्रदेश में है। यहां आप 22 विभिन्न प्रजातियों के जानवरों को देख सकते हैं। इनमें बाघ, भालू, हिरण और दूसरे जानवर शामिल हैं।
कब जाएं
-अक्टूबर से जून के बीच
कान्हा नेशनल पार्क जाने का सबसे मूफीद मौसम अक्टूबर से जून के बीच है। इस मौसम में आप यहां जाकर ट्रैकिंग कर सकते हैं।
कहां करें ट्रैकिंग
कान्हा नेशनल पार्क की सबसे बड़ी खूबसूरती है इसकी नैसर्गिकता। पार्क के रूप में भी यह जगंल कुदरती तौर पर खूबसूरत दिखाई देता है।ब्रिटिश लेखक रूडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध किताब जंगल बुक की परिकल्पना यहां के जंगलों पर ही आधारित है। जो ट्रैकर्स हैं और खासतौर पर पहाड़ों की बजाय जंगलों में ट्रैकिंग करना पसंद करते हैं वो कान्हा नेशनल पार्क उनके लिए सबसे बेस्ट डेस्टिनेशन है। शुरुआती तौर पर ट्रैकिंग करने वालों के लिए यह एक अच्छी जगह है। दो से तीन घंटे के अंदर आप प्वॉइंट पर होंगे। अक्टूबर मध्य से लेकर जून आखिरी तक का समय यहां ट्रैकिंग के लिए सबसे उपयुक्त है।
अगर आपको जंगल भाते हैं, पहाड़ सूकूं देते हैं, नदियां दिल को खुश कर देती हैं तो आप कान्हा नेशनल पार्क जरूर जाएं। यह नेशनल पार्क मध्य प्रदेश में है। यहां आप 22 विभिन्न प्रजातियों के जानवरों को देख सकते हैं। इनमें बाघ, भालू, हिरण और दूसरे जानवर शामिल हैं।
कब जाएं
-अक्टूबर से जून के बीच
कान्हा नेशनल पार्क जाने का सबसे मूफीद मौसम अक्टूबर से जून के बीच है। इस मौसम में आप यहां जाकर ट्रैकिंग कर सकते हैं।
कहां करें ट्रैकिंग
कान्हा नेशनल पार्क की सबसे बड़ी खूबसूरती है इसकी नैसर्गिकता। पार्क के रूप में भी यह जगंल कुदरती तौर पर खूबसूरत दिखाई देता है।ब्रिटिश लेखक रूडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध किताब जंगल बुक की परिकल्पना यहां के जंगलों पर ही आधारित है। जो ट्रैकर्स हैं और खासतौर पर पहाड़ों की बजाय जंगलों में ट्रैकिंग करना पसंद करते हैं वो कान्हा नेशनल पार्क उनके लिए सबसे बेस्ट डेस्टिनेशन है। शुरुआती तौर पर ट्रैकिंग करने वालों के लिए यह एक अच्छी जगह है। दो से तीन घंटे के अंदर आप प्वॉइंट पर होंगे। अक्टूबर मध्य से लेकर जून आखिरी तक का समय यहां ट्रैकिंग के लिए सबसे उपयुक्त है।
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चेम्बर ट्रैक ( केरल )
दक्षिण भारत के प्रदेशों के बीच केरल का यह ट्रैक ट्रैकिंग के लिए काफी फेमस है। २१,०० मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह ट्रैक युवाओं के लिए काफी रोमांचक है। इस जंगल की ट्रैकिंग के दौरान आपको प्रकृति की बेहद खूबसूरत नजारा दिखेगा। इस जंगल में एक दिल के आकार का लेक भी मौजूद है, जिसे लव-लेक के नाम से भी जाना जाता है। एस ट्रैक को चार से पांच घंटे में पूरा किया जा सकता है। दिसंबर से फरवरी तक इस जंगल का ट्रैकिंग काफी आसानी से किया जा सकता है तो अगर आप यहां जाने का प्लान कर रहे हैं तो यह बेहद अच्छा समय है।
दक्षिण भारत के प्रदेशों के बीच केरल का यह ट्रैक ट्रैकिंग के लिए काफी फेमस है। २१,०० मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह ट्रैक युवाओं के लिए काफी रोमांचक है। इस जंगल की ट्रैकिंग के दौरान आपको प्रकृति की बेहद खूबसूरत नजारा दिखेगा। इस जंगल में एक दिल के आकार का लेक भी मौजूद है, जिसे लव-लेक के नाम से भी जाना जाता है। एस ट्रैक को चार से पांच घंटे में पूरा किया जा सकता है। दिसंबर से फरवरी तक इस जंगल का ट्रैकिंग काफी आसानी से किया जा सकता है तो अगर आप यहां जाने का प्लान कर रहे हैं तो यह बेहद अच्छा समय है।
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पाली वाटरफाल ट्रैक, गोवा
जब भी हम गोवा की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में बस पार्टी, बीच और वेस्टर्न कल्चर ही याद आता है, लेकिन इससे कहीं ज्यादा गोवा ने प्राकृतिक खूबसूरतियों को समेट रखा है, जिसमें यह ट्रैक शामिल है। यह ट्रैक गोवा के वालपोई गांव के पास मौजूद है। हालांकि इस ट्रैक में आपको कोबरा जैसे जहरीले सांपों से भी बचना होगा। आम लोगों के लिए यह खतरनाक हो सकता है लेकिन एडवेंचर करने वालों के लिए काफी रोमांचक हो सकता है। इस जगह पर ट्रैकिंग के लिए मानसून के बाद का सही समय है। ताकि आप गोवा की गर्माहट से बच सकते हैं। दो से तीन घंटे के अंदर आप इस ट्रैक को पूरा कर सकते हैं।
जब भी हम गोवा की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में बस पार्टी, बीच और वेस्टर्न कल्चर ही याद आता है, लेकिन इससे कहीं ज्यादा गोवा ने प्राकृतिक खूबसूरतियों को समेट रखा है, जिसमें यह ट्रैक शामिल है। यह ट्रैक गोवा के वालपोई गांव के पास मौजूद है। हालांकि इस ट्रैक में आपको कोबरा जैसे जहरीले सांपों से भी बचना होगा। आम लोगों के लिए यह खतरनाक हो सकता है लेकिन एडवेंचर करने वालों के लिए काफी रोमांचक हो सकता है। इस जगह पर ट्रैकिंग के लिए मानसून के बाद का सही समय है। ताकि आप गोवा की गर्माहट से बच सकते हैं। दो से तीन घंटे के अंदर आप इस ट्रैक को पूरा कर सकते हैं।
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बिंसर जीरो प्वाइंट ट्रैक, उत्तराखण्ड
बिंसार उत्तराखण्ड का एक छोटा सा हिस्सा है। बिंसार अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और स्थानीय लोगों के मेहमान नवाजी के लिए काफी प्रसिद्ध है। बिंसार के जंगलों में बंदर, लंगूर और भी कई अन्य जानवर आपको मिल सकते हैं। इस जंगल की ट्रैकिंग के लिए अक्टूबर से नवंबर और फरवरी से मार्च का महीना काफी सही है। बिंसार के जगलों में आप प्राकृतिक सुंदरता को काफी करीब से देख सकते हो।
बिंसार उत्तराखण्ड का एक छोटा सा हिस्सा है। बिंसार अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और स्थानीय लोगों के मेहमान नवाजी के लिए काफी प्रसिद्ध है। बिंसार के जंगलों में बंदर, लंगूर और भी कई अन्य जानवर आपको मिल सकते हैं। इस जंगल की ट्रैकिंग के लिए अक्टूबर से नवंबर और फरवरी से मार्च का महीना काफी सही है। बिंसार के जगलों में आप प्राकृतिक सुंदरता को काफी करीब से देख सकते हो।