अगर आप भी नवरात्रि का त्योहार मनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको यह जानना होगा कि ऐसी कौन-कौन सी जगह हैं , जहां नवरात्रि का त्योहार खूब धूम-धाम से मनाया जाता है। भारत में कुछ ऐसे शहर हैं जहां की नवरात्रि का रंग और मिजाज दोनों अलग होते हैं। यहां की नवरात्रि आपका मन मोह लेगी। आइए जानते हैं कौन-से हैं वह शहर जहां नवरात्रि का त्योहार बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है।
इस बार कुल्लू और इन चार जगहों पर देखें नवरात्रि उत्सव, यहां अलग होती है दुर्गा पूजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जहां एक तरफ हिमाचल प्रदेश का कुल्लू शहर शांति और अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है। वहीं नवरात्रि में इस शहर की धूमधाम और दुर्गा पूजा सभी लोगों के आकर्षण का केन्द्र बन चुकी है। यहां की नवरात्रि पूरे भारत में मशहूर है। नवरात्रि त्योहार का उत्सव देखने के लिए भारत के कोन-कोने से लाखों की तादात में लोगों आते है। इसके अलावा यहां दशहरे का त्योहार भी बड़े धूं-धाम से मनाया जाता है। दशहरा का यह उत्सव घाटी में मुख्य रूप से ढालपुर मैदान में आयोजित किया जाता है।
आंध्र प्रदेश के विजवाड़ा में उत्तर में सबसे बेहतरीन विजयदशमी मनाई जाती है। यहां का कनक विजया मंदिर इस भव्य विजयदशमी का साक्षी है। इस त्योहार के दस दिनों में मंदिर के देवता को दस अलग-अलग अवतार में तैयार किया जाता है। यहां सैकड़ो की तादात में भक्तों का जमावड़ा लगा रहता है। इस मंदिर में देवी मां को भक्त रेशमी वस्त्र चढ़ाते हैं। यहां की कृष्णा नदी में भक्त गण डुबकी भी लगाते हैं। विजयवाड़ा
कर्नाटक के मैसूर शहर में बेहद ही बेहतरीन तरीके से नवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार को यहां के लोग दसरा या नबाबबा कहते हैं। इस त्योहार में मैसूर के सबसे मशहूर शाही वोडेयार परिवार सहित पूरा शहर शामिल होता है। मैसूर पैलेस को 10 दिनों तक सजा कर रखा जाता है और सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा शहर के महल मैदान के सामने एक दसारा प्रदर्शन का भी आयोजन किया जाता है। इस त्योहार के आखिरी दिन सड़को पर एक जंबो सवारी का जुलूस भी निकाला जाता है।
असम का गुवाहाटी शहर कामाख्या मंदिर का घर है। यह सबसे पुरानी शक्ति पीठों में से एक है। सात बहनों में से गुवाहाटी में नवरात्रि का त्योहार बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। यहां बेहद ही सुंदर संरचना से अलग-अलग मंदिर बनाए गए हैं , जो प्रत्येक दस महाविद्याओं को समर्पित है- देवी पार्वती के अवतार। पांच दिनों के इस त्योहार के दौरान मंदिर को फूलों और दीपों से सजाया जाता है। गरबा नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उत्सवों के दौरान यहां कई पूजा भी आयोजित की जाती हैं।