Surajkund Mela 2025: भारत के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेलों में से एक सूरजकुंड मेला लग गया है। इस साल 7 फरवरी से मेले की शुरुआत हुई है जो कि 23 फरवरी तक लगा रहेगा। ये भव्य मेला हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित सूरजकुंड में आयोजित होता है। हर साल लगने वाले सूरजकुंड मेले में दिल्ली-एनसीआर और उसके आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल होते हैं। इसके अलावा यहां देशभर के शिल्पकार, कलाकार और हथकरघा बुनकर भी एकत्र होते हैं। ये स्थान उन्हें अपनी कला के प्रदर्शन का मंच देता है, जहां से वे अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं।
Surajkund Mela 2025: शुरू हो गया सूरजकुंड मेला, जानिए एंट्री फीस और पहुंचने का तरीका
सुरजकुंड मेले की शुरुआत हरियाणा पर्यटन विभाग ने भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक धरोहरों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की थी। आइए जानते हैं इस वर्ष सूरजकुंड मेला 2025 में क्या खास है और मेले का एंट्री टिकट कितना है।
सूरजकुंड का इतिहास
सूरज कुंड का अर्थ है "सूरज का तालाब"। इस क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व भी है, क्योंकि यह 10वीं शताब्दी में तोमर राजा सूरज पाल के शासनकाल में बनाया गया था। राजा सूरजपाल सूर्य के उपासक थे और उन्होंने सूरजकुंड का निर्माण जल संचयन के लिए कराया था। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के चलते इस मेले का नाम 'सूरजकुंड मेला' रखा गया।
सूरजकुंड मेला कैसे जाएं?
ये मेला फरीदाबाद में लगता है, जिसके लिए दिल्ली से मेट्रो के जरिए जा सकते हैं। इसके लिए निकटतम मेट्रो स्टेशन बदरपुर (वायलेट लाइन) है। वहां से आप आटो या कैब के माध्यम से मेला स्थल तक पहुंच सकते हैं। सड़क मार्ग के जरिए दिल्ली से सूरजकुंड की दूरी लगभग 23 किमी है, जिसे निजी वाहन या बस से पूरा किया जा सकता है। दिल्ली, गुड़गांव और फरीदाबाद से हरियाणा रोडवेज और डीटीसी की बसें उपलब्ध हैं, जो आपको मेला स्थल तक पहुंचाएंगी।
सूरजकुंड मेला का टिकट
सूरजकुंड मेले का एंट्री टिकट 120 रुपये हैं। ये टिकट सप्ताह के दिनों में यानी सोमवार से शुक्रवार तक मेला घूमने के लिए मान्य है। वहीं शनिवार और रविवार को अगर आप सूरजकुंड मेला देखने जा रहे हैं तो आपको 180 रुपये का टिकट लेना होगा। दिल्ली मेट्रो के सारथी ऐप से जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर विशेष काउंटरों से या मेला स्थल पर बने टिकट काउंटरों से भी टिकट खरीद सकते हैं।
सूरजकुंड मेला का खर्च
मेला परिसर में ही विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के स्टॉल सजते हैं, जहां भोजन की कीमतें विविध हो सकती हैं। हस्तशिल्प उत्पादों पर खर्च कर सकते हैं। उत्पादों की कीमतें उत्पाद और विक्रेता के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। सफर से लेकर खाने-पीने में लगभग 2000 रुपये का खर्च आ सकता है। बाकि खरीदारी पर निर्भर करता है। बजट मेंं घूमने के लिए करीब 5000 रुपये लेकर जरूर जाएं।
कब जाएं सूरजकुंड मेला देखने?
7 फरवरी से मेले का आयोजन हो रहा है। 23 फरवरी तक आप कभी भी यहां घूमने आ सकते हैं। मेला सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहता है। वीकेंड में भीड़ अधिक होने के कारण सप्ताह के दिनों में जाने का प्रयास करें। मेला परिसर काफी बड़ा और थकान भरा हो सकता है, इसलिए आरामदायक जूते पहनकर जाएं। पानी की बोतल और आवश्यकता अनुसार नकद राशि साथ रखें।