दक्षिण भारत के तेलंगाना राज्य में एक प्यारा सा शहर है वारंगल जो अपनी पुरातन और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। इस शहर में एक तरफ कई किले और मंदिर हैं तो वहीं दूसरी तरफ कई तलाब और झरने हैं जहां आप शांति भरे कुछ पल बिता सकते हैं। वारंगल के ऐतिहासिक धरोहर पर्यटकों को अपनी तरफ खूब आर्कषित करते हैं। इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह जगह बहुत ही खास है। यहां बहुत से प्राचीन खंड हैं जो प्राचीन काल की स्थिति बयान करते हैं। तेलंगाना के इस शहर की यात्रा जीवन में एक बार जरूर करनी चाहिए। आइए आपको बताते हैं वारंगल में देखने के लिए क्या कुछ है...
पर्यटकों को आकर्षित करती है तेलंगाना की यह जगह, ऐतिहासिक धरोहरों का है खजाना
वारंगल का किला
वारंगल का किला भारत के ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। 13 वीं सदी में बने इस किले की मजबूती बेमिसाल है। इतिहास की मानें तो इस किले पर कई हमले हुए लेकिन अपनी मजबूती के कारण यह किला आज भी आस्तित्व में है। पर्यटकों को देखने के लिए यह किला हर दिन सुबह 9 बजा से लेकर शाम 8 बजे तक खुला रहता है। इतिहास के प्रति रुचि रखने वालों को तो यहां जरूर जाना चाहिए।
जैन मंदिर
वैसे तो वारंगल में बहुत सारे मंदिर हैं लेकिन जैन मंदिर इन सभी मंदिरों से अलग है। जैन मंदिर एक बेहद खूबसूरत मंदिर है। लाल पत्थरों से बना इस मंदिर का ढांचा और इसकी दीवारों पर की गई नक्काशियां किसी का भी मन मोह लेती हैं। जैन मंदिर हफ्ते के सातों दिन, सुबह 5 बजे से शाम 8 बजे तक खुला रहता है।
हजार खंभों का मंदिर
वारंगल का यह मंदिर इस राज्य का पहचान बन चुका है। इस मंदिर को देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहता है। हनमकोंडा पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में श्री रुद्रेश्वर स्वामी की पूजा की जाती है। इस मंदिर में आपको चट्टान को काटकर बनाए गए हाथी और नंदी की एक विशाल प्रतिमा आपको देखने को मिलेगी।
पाखल झील
वारंगल शहर से 50 किलोमीटर दूर इस जगह का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बनता है। शब्दों से ज्यादा तस्वीरें बोलती हैं, यह कहावत यहां एकदम सच्ची सिद्ध होती है। पाखल झील की खूबसूरती को बयान करती ये तस्वीर प्रमाण है। वरंगल जाएं तो यहां जाना न भूलें क्योंकि आपकी यात्रा की थकान यहीं जाकर उतर सकती है।