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पार्टनर संग घूम आएं भारत की ये विदेश जैसी दिखने वाली जगह, मजा न आए तो कहना
Tue, 30 Jul 2019 11:01 AM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Tue, 30 Jul 2019 11:01 AM IST
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अपने देश में ही यात्रा करने के लिए इतनी खूबसूरत जगह हैं कि विदेशों से हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। हर जगह अनोखी कला और सभ्यता, मनोरम प्रकृति के अद्भुत नजारे सभी को अपनी और आकर्षित करते हैं। ऐसे में, भारत का एक शहर ऐसा भी है जहां घूमने को हर विदेशी बेताब रहता है और भारतियों को भी जिंदगी में एक बार जरूर जाना चाहिए।
केरल के 140,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले पश्चिमी घाट को सह्याद्री के नाम से भी जाना जाता है। इस पर्वत श्रंखला को UNESCO द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा दिया है। यहां से केरल का मनोरम दृश्य देखने को मिलता है। ये कई नेशनल पार्क और ट्रेकिंक पॉइंट का घर भी है।
पद्मनाभस्वामी मंदिर
भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर को पद्मनाभस्वामी मंदिर भी कहा जाता है। मौजूदा स्वरूप में दिखाई देने वाले इस मंदिर का निर्माण राजा मार्तण्ड वर्मा ने 18वीं शताब्दी में करवाया था। कुछ ग्रंथों के अनुसार इसका निर्माण 9वीं सदी में ही हो गया था।
भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर को पद्मनाभस्वामी मंदिर भी कहा जाता है। मौजूदा स्वरूप में दिखाई देने वाले इस मंदिर का निर्माण राजा मार्तण्ड वर्मा ने 18वीं शताब्दी में करवाया था। कुछ ग्रंथों के अनुसार इसका निर्माण 9वीं सदी में ही हो गया था।
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अंजेंगो किला
ये किला त्रिवेंद्रम रेलवे स्टेशन करीब 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इसे स्थानीय लोग अंजेंगो किला भी कहते हैं। ये 16 वीं शताब्दी में ईस्ट इंडियन कंपनी द्वारा केरल में बनाई गई पहली रचना है। इस किले की वास्तुकला देखकर आप दंग रह जाएंगे। किले से Anchuthengu Beach का नजारा भी साफ दिखाई देता है।
ये किला त्रिवेंद्रम रेलवे स्टेशन करीब 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इसे स्थानीय लोग अंजेंगो किला भी कहते हैं। ये 16 वीं शताब्दी में ईस्ट इंडियन कंपनी द्वारा केरल में बनाई गई पहली रचना है। इस किले की वास्तुकला देखकर आप दंग रह जाएंगे। किले से Anchuthengu Beach का नजारा भी साफ दिखाई देता है।
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- फोटो : अमर उजाला
सेंट मैरी फोरेन चर्च
इस चर्च को 105 ई. पू. में बनाया गया था। कहते हैं कि इसे कुछ बच्चों ने मदर मैरी के कहने पर बनाया था। इसमें ग्रेनाइट के पत्थरों से बनी मैरी और पवित्र क्रॉस की प्रतिमाएं लगी हैं। केरल के ऐतिहासिक पहलुओं को जानने के लिए उत्सुक लोगों को यहां जरूर जाना चाहिए।
इस चर्च को 105 ई. पू. में बनाया गया था। कहते हैं कि इसे कुछ बच्चों ने मदर मैरी के कहने पर बनाया था। इसमें ग्रेनाइट के पत्थरों से बनी मैरी और पवित्र क्रॉस की प्रतिमाएं लगी हैं। केरल के ऐतिहासिक पहलुओं को जानने के लिए उत्सुक लोगों को यहां जरूर जाना चाहिए।