स्ट्रीट फूड भला किसे अच्छा नहीं लगता! घर में कितना ही कुछ बनाकर क्यों न खा लें, लेकिन स्ट्रीट फूड का जायका ही अलग होता है। दिल्ली में स्ट्रीट फूड के लिए बहुत सारी जगहें फेमस है। पराठों के लिए तो दिल्ली की पराठा वाली गली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। आज हम एक ऐसी जगह से आए स्ट्रीट फूड के बारे में बताएंगे, जो जगह अब पाकिस्तान में पड़ती है। आप भी जरूर इस स्ट्रीट फूड के दीवाने होंगे।
हम बात कर रहे हैं चावल-मोठ-कचौड़ी की, जो हममें से कई लोगों की पसंदीदा स्ट्रीट फूड है। मोठ दाल पर थोड़े उबले चावल, कटे हुए प्याज और फिर उस पर नमक-मिर्च पाउडर-आमचूर-चाट मसाला डाल कर कचौड़ी के साथ सर्व किया जाने वाले इस स्ट्रीट फूड का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर
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कहा जाता है कि आजादी के समय मुल्तान से आए पंजाबी लोगों ने दिल्ली वालों को चावल-मोठ-कचौड़ी चखाया था, जो उनकी जुबां पर चढ़ गया। मुल्तान, अब पाकिस्तान में पड़ता है। आज यह दिल्ली वालों का पसंदीदा स्ट्रीट फूड बन चुका है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप दिल्ली के जिस भी इलाके में वहां से किस नजदीकी जगह पर जाकर आप इस शानदार स्ट्रीट फूड के जायके का आनंद उठा पाएंगे।
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पूर्वी दिल्ली में हैं तो यहां जाएं
पूर्वी दिल्ली में गांधी नगर के नजदीक बुध बाजार यानी वीर सावरकर मार्केट पहुंचिए। यहां चौड़े मत्थे की 'नागपाल दी हट्टी' के दमदार मुल्तानी चावल-मोठ-कचौड़ी का स्वाद लीजिए। बताया जाता है कि काशी राम नागपाल ने अपने मुल्तानी गुरू से इसकी रेसिपी सीख कर दिल्ली वालों को इसका स्वाद चखाया था। आज उनके बेटे और पोते दिल्लीवालों और बाहर से आए लोगों को इसका स्वाद चखा रहे हैं। यहां पहुंचने के लिए मेट्रो से जाना चाहते हैं तो शास्त्री पार्क पहुंचना होगा, जहां से इसकी दूरी डेढ़ किमी है।
पश्चिमी दिल्ली में हैं तो यहां पहुंचिए
अगर आप पश्चिमी दिल्ली इलाके में रहते हैं तो मोती नगर मेट्रो स्टेशन उतरिए और यहां से करीब 500 मीटर दूर मोती नगर मेन मार्केट पहुंचिए। यहां सब्जी बाजार में काली माता मंदिर के पास 'स्पेशल मुल्तानी मोठ कचौड़ी' की दुकान पहुंचिए, जहां कर चावल-मोठ-कचौड़ी के चर्चे करीब 65 सालों से है। यहां लाल चंद ने दुकान शुरू की थी, अब उनके बेटे संभाल रहे हैं।