हमारा देश भारत अपने खूबसूरत पर्यटन स्थलों के कारण समूचे विश्व में अपना विशेष स्थान रखता है। देश में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (National Tourism Day) मनाया जाता है। भारत सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था के लिए पर्यटन के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाने का निर्णय लिया। भारत की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का विशेष महत्व है। इस क्षेत्र में लगातार हो रही प्रगति के कारण देश में करोड़ों लोगों को रोजगार मिला है।
भारतीय पर्यटन दिवस भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यटन के महत्व और भारतीय अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका के बारे में बताना है। साथ ही वैश्विक समुदायों के बीच पर्यटन और इसके सामाजिक, राजनीतिक, वित्तीय और सांस्कृतिक मूल्य के महत्व पर जागरूकता पैदा करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। केंद्र सरकार ने साल 2020 में पर्यटकों की संख्या दो करोड़ पार पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
3 of 5
GDP
- फोटो : Social Media
जीडीपी में पर्टयन का बड़ा योगदान
पर्यटन भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।साल 2017 में, पर्यटन से भारत ने लगभग 23 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया था। साल 2018 में 9.2 फीसदी जीडीपी में योगदान था, जिससे देश को 16.91 लाख करोड़ का फायदा हुआ था। देश में 8.1 फीसदी रोजगार पर्यटन से मिल रहा है।
4 of 5
travel
- फोटो : social media
फ्रांस और स्पेन से भी बड़ा लक्ष्य
साल 2023 तक पर्यटन से राजस्व का लक्ष्य 100 अरब डॉलर करने का रखा गया है। यह फ्रांस और स्पेन की तुलना में अधिक है। 2017 में भारत में 1.4 करोड़ विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि 2014 में यही आंकड़ा 76.8 लाख था। इस लिहाज से भारत में पर्यटन के मोर्चे पर 14 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो वैश्विक औसत 6.8 प्रतिशत और एशियाई औसत 5.7 प्रतिशत से काफी अधिक है।
ई-वीजा शुल्क को कम करना, हिमालय की चोटियों को पर्यटकों के लिए खोलना, टूरिस्ट प्लेसों पर विदेशी भाषाओं में संकेत, एएसआई की साइटों को रोशन करना और भारत की संस्कृति को विदेशों में बढ़ावा देना, ये भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से इस साल किए उठाए गए ऐसे सकारात्मक कदम हैं, जिनकी बदौलत साल 2020 तक देश में वैश्विक पर्यटकों की संख्या दो करोड़ा के पार पहुंच सकती है।