Maha Kumbh 2025 : प्रत्येक 12 वर्ष में महाकुंभ का आयोजन होता है। महाकुंभ संगम नगरी प्रयागराज में मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत आज यानी कि 13 जनवरी 2025 से हो गई है और 26 फरवरी महाशिवरात्रि के दिन इस कुंभ मेले का समापन होगा। इस दौरान करोड़ों लोग पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचेंगे। कुंभ के मौके पर देश-विदेश से लोग प्रयागराज गंगा में स्नान के लिए पहुंचते हैं।
Maha Kumbh: संगम स्नान के लिए जा रहे हैं महाकुंभ तो घूमें प्रयागराज के ये 5 स्थल, चाहिए सिर्फ दो दिन की छुट्टी
प्रयागराज कई महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों से भरा हुआ है, जिन्हें आप महज दो दिनों की छुट्टी में घूम सकते हैं। आइए जानते हैं प्रयागराज के पर्यटन स्थलों के बारे में और कैसे दो दिन में सफर पर पूरा कर सकते हैं।
प्रयागराज में घूमने लायक 5 प्रमुख स्थल
त्रिवेणी संगम
यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी का संगम होता है। संगम स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है। आप यहां नौका विहार का आनंद भी ले सकते हैं। त्रिवेणी संगम को घूमने के लिए सुबह-सुबह या सूर्यास्त के समय के जाएं।
आनंद भवन
यह भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का पैतृक आवास था, जिसे अब संग्रहालय में तब्दील कर दिया गया है। यहां स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी महत्वपूर्ण वस्तुएं और दस्तावेज देखे जा सकते हैं। एंट्री के लिए टिकट लगता है हालांकि प्रवेश शुल्क नाममात्र का ही है। यहां घूमने के लिए एक से दो घंटे का समय लग सकता है।
खुसरो बाग
यह मुगल स्थापत्य कला का सुंदर नमूना है जहां जहांगीर के पुत्र खुसरो का मकबरा स्थित है। बाग की सुंदरता और शांति इसे एक आदर्श पिकनिक स्थल बनाती है। सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक कभी भी घूमने जा सकते हैं।
इलाहाबाद किला
इस किले को अकबर ने 1583 में बनवाया था और आज भारतीय सेना के अधीन है। किले में स्थित अशोक स्तंभ और सरस्वती कुंड प्रमुख आकर्षण हैं। पर्यटकों को किले का सीमित हिस्सा देखने की अनुमति है।
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हनुमान मंदिर
प्रयागराज में लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध एक प्राचीन मंदिर है। मान्यता है कि गंगा जी की बाढ़ का जल सबसे पहले यहां आता है और हनुमान जी के चरण छूकर वापस लौट जाता है। संगम के पास स्थित यह मंदिर कुंभ या महाकुंभ के दौरान विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
कैसे बनाएं यात्रा योजना
पहले दिन सुबह संगम में स्नान करें। फिर बड़ा हनुमान मंदिर में दर्शन और इलाहाबाद का किला घूमें। दूसरे दिन आनंद भवन और खुसरो बाग देखने जाएं।
ध्यान रखें कि कुंभ के दौरान होटल की बुकिंग पहले से कराएं। स्थानीय स्ट्रीट फूड का आनंद लें जैसे कि इलाहाबादी कुल्फी, चाट और समोसा। सुबह जल्दी या देर शाम संगम स्नान के लिए जाएं, ताकि भीड़ से बचा जा सके।