Kedarnath Yatra 2025: लंबे इंतजार के बाद अब केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने को तैयार हैं। 2 मई, 2025 को बाबा केदार के द्वार लोगों के लिए सुबह 6:20 बजे खुल जाएंगे। तीर्थयात्रियों को केदारनाथ मंदिर में सुबह 7 बजे से प्रवेश मिलेगा। ऐसे में लोगों ने बाबा के दर्शन को रजिस्ट्रेशन करा लिया है।
Kedarnath Yatra 2025: बच्चों और बुजुर्गों के संग जा रहे हैं केदारनाथ यात्रा पर तो ऐसे करें प्लानिंग
यदि आप अपने बच्चों और घर के बुजुर्गों के साथ केदारनाथ यात्रा पर जा रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखकर यात्रा की प्लानिंग करें। वरना आपको वहां जाकर कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सही समय का चयन करें
यदि आप अपने बच्चों और घर के बुजुर्गों के साथ बाबा केदार के दर्शन को जा रहे हैं, तो ऐसे समय का चुनाव करें जब वहां ज्यादा भीड़ न हो। यात्रा की शुरआत के दिनों में जाने का प्लान न बनाएं। इन दिनों में सबसे ज्यादा भीड़ होती है। इसके अलावा बारिश के मौसम में भी वहां जाने से बचें। बारिश के मौसम में पहाड़ों पर काफी फिसलन हो जाती है, जिस कारण आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है।
यात्रा पर जाने से ठीक पहले अपने साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों का फुल बॉडी चेकअप अवश्य कराएं। बॉडी चेकअप इसलिए भी जरूरी है, ताकि पता लग पाए कि कहीं किसी के शरीर में किसी प्रकार की दिक्कत तो नहीं है। यदि कोई दिक्कत है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही केदारनाथ यात्रा पर जाएं।
पहले से तय करें ट्रैवल मोड
केदारनाथ बाबा के दर्शन के लिए आपको कई किलोमीटर चढ़ाई करनी पड़ती है, जो बुजुर्गों और बच्चों के लिए करना संभव नहीं है। ऐसे में पहले से ही ये तय कर लें कि खच्चर, पालकी, पिट्ठु या फिर हेलीकॉप्टर में से क्या उनके लिए सही रहेगा। हेलीकॉप्टर की बुकिंग पहने करनी होती है। जबकि अन्य चीजें आपको चढ़ाई की शुरुआत में मिल जाएंगे। इनके दाम फिक्स होते हैं, इसलिए मोलभाव से बचें।
याद रखें कि केदारनाथ में भीड़ की वजह से होटल-धर्मशाला या होम स्टे मिलना इतना आसान नहीं है। इसलिए जाने से पहले ही रुकने का इंतजाम कर लें। गौरीकुंड, सोनप्रयाग, फाटा या केदारनाथ में सरकारी गेस्ट हाउस या होटल पहले से बुक कर लें। ताकि आपको बच्चों और बुजुर्गों को लेकर कहीं भटकना न पड़े।