International Day Of Forests 2025: आज अंतरराष्ट्रीय वन दिवस मनाया जा रहा है। जहां एक और वनों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है, वहीं भारत में कई ऐसे वन हैं, जो पर्यटन के लिहाज से मशहूर हैं। भारत में जंगल सफारी का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो राष्ट्रीय उद्योनों की सैर करें। पिछले सालों में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई राष्ट्रीय उद्योंनो की यात्रा की। हाल ही में उन्होंने गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में जंगल सफारी का लुत्फ उठाया।
International Day Of Forests: भारत के सबसे प्रसिद्ध जंगल सफारी, जो विदेशी पर्यटकों को भी हैं पसंद
आइए जानते हैं भारत के सबसे प्रसिद्ध जंगल सफारी के बारे में, जहां आपको दुर्लभ वन्यजीव और अद्भुत प्राकृतिक नज़ारे देखने को मिलेंगे।
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड
उत्तराखंड का जिम काॅर्बेट नेशनल पार्क बंगाल टाइगर, हाथी, हिरण, मगरमच्छ के लिए प्रसिद्ध है। यहां आप जीप सफारी, कैंटर सफारी, एलीफेंट सफारी का लुत्फ उठा सकते हैं। भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, बाघों को देखने के लिए सबसे प्रसिद्ध जंगल सफारी में से एक है। यहां के घने जंगलों और रमणीय पहाड़ियों के बीच सफारी का रोमांच विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।
रणथंभौर नेशनल पार्क
राजस्थान का मशहूर रणथंभौर नेशनल पार्क ऐतिहासिक किले और जंगल का अद्भुत मेल है। यहां बाघ देखने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। अरावली और विंध्याचल पहाड़ियों का संगम देखने को मिलता है। यहां पहुंचकर आप बाघों की शानदार तस्वीरें खींच सकते हैं। रणथंभौर किले की सैर कर सकते हैं। सफारी और कैम्पिंग का आनंद ले सकते हैं। इस स्थान पर पहुंचने के लिए जयपुर एयरपोर्ट से 180 किमी दूर बस या कैब से जा सकते हैं। 12 किमी दूर सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन है।
काजीरंगा नेशनल पार्क
असम का काजीरंगा नेशनल पार्क एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है। ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा यह सुंदर जंगल हाथी सफारी और जीप सफारी के लिए लोकप्रिय है। गैंडा, हाथी और बाघों को नज़दीक से देखने, ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने और पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। यहां पहुंचने के लिए 96 किमी दूर जोरहाट एयरपोर्ट है और 75 किमी दूर फुरकाटिंग रेलवे स्टेशन सबसे पास है।
सुंदरबन नेशनल पार्क
पश्चिम बंगाल का सुंदरबन नेशनल पार्क दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव जंगल है। इसे प्रसिद्ध रॉयल बंगाल टाइगर का घर कहा जाता है, जहां नाव सफारी का अनोखा अनुभव मिलता है। यहां नाव सफारी के जरिए बाघों को देखने का प्रयास कर सकते हैं। दुर्लभ पक्षियों और मगरमच्छों को देखने का मौका मिलता है और शांत व रहस्यमयी जंगल का अनुभव ले सकते हैं। सुंदरबन नेशनल पार्क तक पहुंचने के लिए 120 किमी दूर कोलकाता एयरपोर्ट से टैक्सी ले सकते हैं। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कंठी और नामखाना रेलवे स्टेशन है।