भारत की इन पांच जगहों पर पूरी तरह मेहरबान है प्रकृति, बारिश में ये नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा
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अथिरापल्ली झरना बहुत ही शानदार है। यह 80 फीट ऊंचा और 330 फीट चौड़ा है।अथिरापल्ली झरने की तरफ जाते वक्त रास्ते में ताड़ और नारियल के पेड़ों से सजी सड़क पर चलने से भी थकान महसूस नहीं होती है। झरने तक पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। जिसका अनुभव भी यादगार रहता है। यह जगह चालकुडी नदी और शोलायर के क्षेत्र में स्थित है। अथिरापल्ली को अगस्त में घूमने के लिए इसलिए बेहतर कहा जाता है क्योंकि इस समय यहां का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहता है जो कि पर्यटन के लिहाज से अनुकूल माना जाता है। यहां पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा है कोच्चि एयरपोर्ट और निकटतम रेलवे स्टेशन है चालकुडी रेलवे स्टेशन।
जोग या गेरोस्पा फॉल भारत का दूसरा सबसे ऊंचा झरना है, जो सागरा कर्नाटक के शारोगा और उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित है। जोग फॉल्स दुनिया के सबसे प्रसिद्ध झरनों में से एक है और झरने पर ट्रेकिंग के लिए काफी सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
चित्रकूट फॉल को भारत का नियाग्रा फॉल भी कहा जाता है, जो छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के पास स्थित है। विंध्याचल के पहाड़ और पहाड़ियों के मैदानों में बसे, शानदार चित्रकूट झरने दुनिया में सबसे शानदार प्राकृतिक आकर्षण में से एक है।
चचाई झरने मध्य प्रदेश राज्य के रीवा जिले में स्थित हैं। चचाई फॉल भारत में 23वां सबसे बड़ा झरना है और मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा झरना है।