Ganesh Chaturthi 2023: हर साल भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से गणेश उत्सव की शुरुआत होती है। गणेश उत्सव 10 दिवसीय त्योहार है, जिसके पहले दिन गणेश चतुर्थी को भगवान गणपति की मूर्ति की स्थापना की जाती है। वहीं 10वें या आखिरी दिन गणपति विसर्जन होता है। इस साल गणेश चतुर्थी 19 सितंबर को है। मंदिरों में, घरों में और भव्य पंडालों में गणेश प्रतिमा की स्थापना इस दिन की जाएगी। वैसे तो गणपति उत्सव लगभग पूरे देश में ही मनाया जाता है, लेकिन इस पर्व की सबसे ज्यादा धूम महाराष्ट्र और गुजरात में होती है।
Ganesh Chaturthi 2023: इन जगहों पर सजते हैं गणपति के भव्य पंडाल, गणेशोत्सव के मौके पर करें दर्शन
लालबाग के राजा, मुंबई
महानगरी मुंबई में जीडी गोयनका रोड पर लालबाग बाजार में सबसे प्रसिद्ध गणेश पंडाल सजता है। इस पंडाल का नाम 'लालबाग चा राजा' है। इस पंडाल में गणपति की भव्य प्रतिमा स्थापित होती है, जिसे लालबाग के राजा कहा जाता है। 1934 से ही यहां गणपति स्थापना हो रही है। यहां विराजमान गणेश जी को 'मन्नतों का गणपति' भी माना जाता है। गणेश उत्सव के दौरान इस पंडाल में कई सेलिब्रिटी भी पूजा के लिए आते हैं।
अंधेरीचा राजा, मुंबई
मुंबई में सबसे भव्य पंडाल सजते हैं। इसमें से एक अंधेरीचा राजा के नाम से मशहूर है। इस गणपति पंडाल का आयोजन 1966 से हो रहा है। 10 दिवसीय उत्सव में यहां कई मशहूर हस्तियां शामिल होती हैं। अंधेरीचा राजा का गणपति पंडाल अपनी मन मुग्ध कर देने वाली सजावट के लिए प्रसिद्ध है।
मुंबईचा राजा, गणेश गली
गणपति उत्सव में मुंबई के गणेश गली व लेन में 'मुंबईचा राजा' विराजमान होते हैं। लालबाग चा राजा पंडाल से कुछ ही दूरी पर स्थित यह शहर के सबसे प्रसिद्ध पंडालों में से है। 1928 में पहली बार यहां मिल श्रमिकों ने गणपति पूजा की और उत्सव मनाया था। उसके बाद से हर साल गणेश गली में एक खास थीम के साथ मुंबईचा राजा के लिए गणपति उत्सव का पंडाल सजता है।
मुंबई के वडाला के कटक रोड पर द्वारकानाथ भवन में भव्य गणपति उत्सव का आयोजन होता है। यहां जीबीएस सेवा मंडल का गणपति पंडाल लगता है, जो गोल्ड गणेश के नाम से प्रसिद्ध है। इस पंडाल में गणपति के श्रृंगार के लिए असली सोने के आभूषणों का उपयोग होता है। इस कारण इसे शहर का सबसे अमीर मंडल माना जाता है। इसके अलावा यह एकमात्र पंडाल है, जहां 10 दिवसीय उत्सव में 24 घंटे अनुष्ठान विधि की जाती है।