दिवाली के त्योहार में मां लक्ष्मी का बेहद ही खास महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि दिवाली के तीसरे दिन लक्ष्मी जी अपने भक्तों के घर जाती हैं। मां लक्ष्मी को आमंत्रित करने के लिए लोग अपने घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाते हैं। लक्ष्मी माता हिंदुओं के प्रमुख देवी देवताओं में से एक हैं। भारत में देवी लक्ष्मी के विभिन्न रूपों को समर्पित कई मंदिर हैं। पूरे देश में अलग-अलग रूपों और अवतारों में उनकी पूजा की जाती है। मुख्य रूप से, लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है इसलिए लोग धन और समृद्धि के लिए उनकी पूजा करते हैं। तो इस दिवाली लक्ष्मी जी के भव्य एवं सुंदर मंदिरों के दर्शन करकें उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। आइए जानते हैं भारत में मां लक्ष्मी के सबसे मशहूर मंदिर कौन-से हैं और यह मंदिर कहां स्थित है।
Diwali 2019: पांच जगहों पर स्थित देश के मशहूर 'लक्ष्मी मंदिर' जहां लोगों का होता है उद्धार
लक्ष्मी नारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर), दिल्ली का सबसे मशहूर मंदिर है। यह मंदिर बी आर बिड़ला और विजय त्यागी ने 1939 में बनाया था। यह मंदिर देवी लक्ष्मी और विष्णु को समर्पित है। बिड़ला मंदिर का उद्घाटन महात्मा गांधी ने किया था। बिड़ला मंदिर दिल्ली के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक है। इस मंदिर में दीपावली त्योहार और कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। इन दोनों त्योहार के दौरान यहां लाखों की सख्यां में भक्त आते हैं। इस मंदिर में भगवान गणेश, भगवान शिव, भगवान हनुमान, बौद्ध मंदिर और देवी दुर्गा को समर्पित छोटे मंदिर भी हैं।
श्रीपुरम गोल्डन टेम्पल तमिलनाडु के वेल्लोर में स्थित है। यह देवी लक्ष्मी को समर्पित है। यह मंदिर भारत का सबसे अनोखा मंदिर है। यह मंदिर सोने का मंदिर है। इस मंदिर श्री चक्र (पहिया) का प्रतिनिधित्व करते हुए एक तारे के आकार का रास्ता है। लक्ष्मी जी का यह मंदिर एक छोटी पहाड़ी पर स्थित है जिसे मालाकोडी कहा जाता है। श्रीपुरम भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है।
महालक्ष्मी का यह मंदिर कोल्हापुर काफी प्रसिद्ध है। यह शक्ति पीठ हिंदुओं के लिए एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु को यह क्षेत्र बेहद पंसद है क्योंकि यह उनकी पत्नी लक्ष्मी जी का निवास स्थल है। यह मंदिर कर्नाटक के चालुक्यों ने बनावाया था।
इस मंदिर में देवी लक्ष्मी के 8 रूपों की पूजा की जाती है। यह मंदिर लक्ष्मी जी के प्रत्येक रूप को समर्पित किया गया है। लक्ष्मी और उनके पति विष्णु के मुख्य देवताओं में से, एक को धन, संतान, सफलता, समृद्धि, साहस, भोजन, ज्ञान और बहादुरी के देवी-देवताओं के मंदिरों के चारों ओर जाना पड़ता है। अष्टसक्ष्मी का यह मंदिर कोविल चेन्नई में इलियट समुद्र तट के पास स्थित है।