नया साल आने में अब कुछ ही दिन बचें है, ऐसे में कुछ लोग पार्टी प्लान करते दिख रहे हैं तो वहीं कुछ धार्मिक नगरी जाकर नए साल का स्वागत करने की सोच रहे हैं। हम आपको ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां जाकर आपका नया साल और भी खूबसूरत हो जाएगा।
नदी और पहाड़ों से घिरा चित्रकूट दिलाता है राम की याद, देखें खूबसूरत तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए साल पर चित्रकूट दर्शन के लिए जाना आपके लिए बेस्ट ऑप्शन होगा। मंदाकिनी नदी के किनारे बसा यह शहर हमारे रामायण काल की याद दिलाता है। इस नगरी की सुंदरता को बढ़ाती है यहां की सुंदर पर्वत श्रृंखलाएं। चित्रकूट में दूर-दूर तक सिर्फ हरियाली और रंग- बिरंगे फूल नजर आते हैं। यहां की प्रकृति लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती है। यहां घूमने के लिए हर मौसम बहुत सुहावना होता है। पर्यटकों की भीड़ हमेशा लगी रहती है। मंदाकिनी नदी का बहता पानी भगवान श्रीराम की याद दिलाता है। बता दें कि इस नदी में भगवान श्रीराम सुबह स्नान किया करते थे। घाट के दूसरी तरफ तुलसीदास और भरत मिलाप का मंदिर बना हुआ है। इसके अलावा यहां माता जानकी का कुंड बना हुआ है, जहां वो नृत्य स्नान किया करती थीं। इसी कुंड के पास संकट मोचन मंदिर का स्थापना किया गया है। जहां सुबह-शाम आरती होती है।
यह चित्रकूट धाम का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। मान्यता है कि यहां भगवान श्री राम अपने बनवास का सबसे ज्यादा समय बिताया था, इसलिए लोग इस जगह पर एक बार जरूर दर्शन के लिए जाते हैं। मान्यता है कि यहां एक बार दर्शन करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
इस जगह पर प्रभु राम, माता सीता के साथ रुके थे और जामवंत ने कौवे का रूप धारण कर माता को चोच मार अपनी पहचान बताई थी। इस जगह पर उनके चरणों की पूजा की जाती है।
यह आश्रम ऋृषि अत्री की पत्नी का है यहां महिलाओं को सिंदुर का प्रसाद दिया जाता है। महिलाएं पहले मंदाकिनी में स्नान करती हैं और फिर यहां पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लेती हैं।