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नदी और पहाड़ों से घिरा चित्रकूट दिलाता है राम की याद, देखें खूबसूरत तस्वीरें

Thu, 27 Dec 2018 05:03 PM IST
कशिश मिश्रा लाइफ स्टाइल डेस्क,अमर उजाला
लाइफ स्टाइल डेस्क,अमर उजाला Published by: कशिश मिश्रा Updated Thu, 27 Dec 2018 05:03 PM IST
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chitrakoot is the best place for new year celebration
जहां जाकर आपका नया साल और भी खूबसूरत हो जाएगा। - फोटो : social media

नया साल आने में अब कुछ ही दिन बचें है, ऐसे में कुछ लोग पार्टी प्लान करते दिख रहे हैं तो वहीं कुछ धार्मिक नगरी जाकर नए साल का स्वागत करने की सोच रहे हैं। हम आपको ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां जाकर आपका नया साल और भी खूबसूरत हो जाएगा।

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नए साल पर चित्रकूट दर्शन के लिए जाना आपके लिए बेस्ट ऑप्शन होगा - फोटो : social media

नए साल पर चित्रकूट दर्शन के लिए जाना आपके लिए बेस्ट ऑप्शन होगा। मंदाकिनी नदी के किनारे बसा यह शहर हमारे रामायण काल की याद दिलाता है। इस नगरी की सुंदरता को बढ़ाती है यहां की सुंदर पर्वत श्रृंखलाएं। चित्रकूट में दूर-दूर तक सिर्फ हरियाली और रंग- बिरंगे फूल नजर आते हैं। यहां की प्रकृति लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती है। यहां घूमने के लिए हर मौसम बहुत सुहावना होता है। पर्यटकों की भीड़ हमेशा लगी रहती है। मंदाकिनी नदी का बहता पानी भगवान श्रीराम की याद दिलाता है। बता दें कि इस नदी में भगवान श्रीराम सुबह स्नान किया करते थे। घाट के दूसरी तरफ तुलसीदास और भरत मिलाप का मंदिर बना हुआ है। इसके अलावा यहां माता जानकी का कुंड बना हुआ है, जहां वो नृत्य स्नान किया करती थीं। इसी कुंड के पास संकट मोचन मंदिर का स्थापना किया गया है। जहां सुबह-शाम आरती होती है। 

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कादमगिरी पर्वत - फोटो : social media
कादमगिरी पर्वत

यह चित्रकूट धाम का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। मान्यता है कि यहां भगवान श्री राम अपने बनवास का सबसे ज्यादा समय बिताया था, इसलिए लोग इस जगह पर एक बार जरूर दर्शन के लिए जाते हैं। मान्यता है कि यहां एक बार दर्शन करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। 

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प्रभु राम माता सीता के साथ रूके थे - फोटो : social media
स्फटिक शिला 

इस जगह पर प्रभु राम, माता सीता के साथ रुके थे और जामवंत ने कौवे का रूप धारण कर माता को चोच मार अपनी पहचान बताई थी। इस जगह पर उनके चरणों की पूजा की जाती है। 

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सती अनुसूइयां आश्रम  - फोटो : social media
सती अनुसूइयां आश्रम 

यह आश्रम ऋृषि अत्री की पत्नी का है यहां महिलाओं को सिंदुर का प्रसाद दिया जाता है। महिलाएं पहले मंदाकिनी में स्नान करती हैं और फिर यहां पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लेती हैं।

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