क्या आप जानते हैं कि शरीर की जिन सामान्य लगने वाली समस्याओं को आप अक्सर अनदेखा करते रहते हैं, कई बार वही गंभीर बीमारियों के रूप में आपके सामने आ सकती हैं?
डॉक्टर ने बताया: इन लक्षणों को सामान्य मानकर अक्सर लोग कर देते हैं अनदेखा, बन सकती है बड़ी मुसीबत
हर लक्षण गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होते, लेकिन लगातार बने रहने वाले या बढ़ते लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बिना वजह वजन कम होना, लगातार थकान, सांस फूलना, असामान्य रक्तस्राव, गांठ और आंतों की आदतों में बदलाव पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।
लगातार थकान को सिर्फ कमजोरी समझने की गलती
डॉक्टर बताते हैं, थकान सबसे आम और सबसे ज्यादा सामान्य मान लिए जाने वाले लक्षणों में से एक है। कई बार हम लगातार थकान को काम का तनाव, कम नींद या उम्र का असर समझ लेते हैं। लेकिन अगर पर्याप्त आराम के बाद भी थकान बनी रहे और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो इसकी वजह समझना जरूरी है।
- नींद की समस्या, खराब खान-पान, तनाव और कुछ बीमारियां थकान का कारण हो सकती हैं। आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया, थायरॉयड की समस्या और डायबिटीज जैसी स्थितियों में भी थकान हो सकती है।
बिना कोशिश वजन कम होने को फिटनेस मानते रहना
बिना डाइट या एक्सरसाइज के लगातार वजन घट रहा है तो इसे हमेशा अच्छा संकेत या फिटनेस मानना ठीक नहीं है। बिना वजह वजन कम होना कई अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि बिना स्पष्ट कारणों के वजन घटना कैंसर का बड़ा संकेत माना जाता है। हालांकि हर बार इसका मतलब कैंसर ही नहीं होता।
- वजन कम होने के साथ अगर भूख में बदलाव, लगातार थकान, पेट की समस्या या कोई दूसरी नई परेशानी दिख रही है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलना हमेशा फिटनेस की कमी नहीं
शारीरिक मेहनत के बाद सांस तेज होना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर पहले आसानी से होने वाले काम में भी अब अचानक सांस फूलने लगी है तो सावधान हो जाना चाहिए। बार-बार सांस लेने में परेशानी होती है या इसके साथ सीने में दबाव, चक्कर आने, पसीना या थकान रहता है तो इसे केवल कमजोरी मानकर चलना सही नहीं।
- अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार सांस फूलना, सीने में दर्द, मतली-चक्कर और असामान्य थकान कई बार हार्ट अटैक की ओर भी संकेत हो सकते हैं।
मल-पेशाब में बदलाव हर बार सामान्य नहीं
मल या पेशाब में खून दिखाई दे रहा है तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए। बवासीर, संक्रमण, पथरी और कई दूसरी स्थितियां इसका कारण हो सकती हैं। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि इसे बिना जांच के छोड़ दिया जाए। पेशाब में खून, मल में खून और आंतों की आदतों में बदलाव ऐसे लक्षण हैं जिनमें समय रहते डॉक्टरी मदद की जरूरत होती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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