कहते हैं कि आपके आस पास का माहौल जैसा होता है उसका असर आपकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर भी पड़ता है। माहौल का मतलब केवल आपके आस पास उपस्थित लोग ही नहीं होते। आपके इर्द-गिर्द जमा चीजें या सामान भी इस श्रेणी में आता है। घर में या आपके आस पास बिखरा सामान केवल आपकी आंखों को ही नहीं खटकता, ये आपके दिमाग पर भी बुरा असर डालता है। वॉर्डरोब क्लटर या अस्तव्यस्त वॉर्डरोब भी ऐसी ही एक स्थिति है। कई बार इसके कारण व्यक्ति इतनी घबराहट या एंग्जायटी की अवस्था में आ जाता है कि उसे समझ ही नहीं आता कि वह क्या करे। यह टर्म सिर्फ अलमारी के अस्त व्यस्त होने से ही नहीं जुड़ा है। आपके दफ्तर की डेस्क, किचन की रैक या घर का कोई भी सामान से भरा कोना इसका कारण बन सकता है। चूंकि यह दीपावली का समय है और साफ-सफाई का दस्तूर भी। तो क्यों न इस समय का फायदा उठाएं और इस एंग्जायटी को दूर भगाने की एक कोशिश कर ही डालें।
दिवाली की सफाई: क्या आपको भी हो रही है वॉर्डरोब क्लटर से एंग्जायटी? ये तरीके आएंगे आपके काम
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क्लटर या चीजों के अस्त व्यस्त होने की स्थिति कई वजहों से पनपती है। इसमें कन्फ्यूजन, इमोशन्स और आदत सभी शामिल हैं। एक मनुष्य होने के नाते हममें से ज्यादातर लोगों की आदत होती है मटेरियलिस्टिक यानी भौतिक संसाधनों को ज्यादा से ज्यादा बटोर लेने की। वहीं कई बार हम भावनाओं और कन्फ्यूजन होने के कारण भी सामान को हटा नहीं पाते और वक्त के साथ यह ढेर बड़ा होता चला जाता है। इसकी वजह से आपकी मानसिक सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ने लगता है। एंग्जायटी, तनाव, स्ट्रेस, लो एनर्जी, थकान, डिप्रेशन, चिड़चिड़ाहट या अन्य मूड सम्बन्धी उथल पुथल, आदि जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं।
ऐसे कीजिए निवारण:
दीपावली करीब है और पुराने, इकट्ठे क्लटर से छुटकारा पाने का इससे अच्छा उपाय और नहीं हो सकता। इस तरह से घर भी साफ होगा और आपका दिमाग भी होगा बोझ से मुक्त।
* सबसे पहले एक रूल बनाएं कि कोई भी नई चीज घर में तब ही लाएंगे जब पुरानी चीजें हटा देंगे। इसके लिए दो लिस्ट बनाएं। पहली लिस्ट में वो चीजें शामिल करें जिनकी आपको जरूरत है और दूसरी लिस्ट में वो चीजें रखें जो भविष्य में सच में आपके काम आ सकती हैं।
* सफाई को बोझ की तरह न लें। कोरोना के चलते अभी वैसे भी कई सारी चीजों को ध्यान में रखना पड़ता है। इसलिए थोड़ा-थोड़ा करके काम खत्म करने की कोशिश करें।
* यदि सम्भव हो तो बड़े कामों के लिए प्रोफेशनल हेल्प लें। हां, यह जरूर सुनिश्चित करें कि जिससे हेल्प ले रहे हैं वह कोरोना गाइडलाइंस का पालन करता हो।
* अभी दीपावली में समय है। इसलिए धीरे धीरे करके काम शुरू करें लेकिन रोजाना थोड़ा थोड़ा काम निपटाते जाएं। इसलिए लिए भी आप लिस्ट बना सकते हैं कि कौन सा काम पहले करना है।
* अपने क्लटर को साफ करते समय आपके दिमाग में हर चीज को लेकर एक इमोशनल कनेक्ट पैदा हो सकता है। इसको लेकर दिमाग में यह सोच बनाएं कि यदि आपके पास रखी कोई ऐसी चीज जो आपके काम नहीं आ रही है, हो सकता है दूसरे के बहुत काम की हो। जैसे अतिरिक्त कपड़े, बर्तन, स्टेशनरी आदि।
* एक साइज छोटे कपड़े, एक पर एक फ्री सामान, बर्तनों के ढक्कन, आदि ऐसी चीजें हैं जो आपके पास रखी रहेंगी लेकिन काम नहीं आएंगी। इनको जरूर हटाएं।
* अपने वॉर्डरोब में कपड़ों को मौसम के हिसाब से जमाएं। इसके लिए आप कार्डबोर्ड के पार्टीशन भी यूज कर सकते हैं। ये महंगे भी नहीं होंगे और इन्हें आसानी से बदल भी सकते हैं।
* एक बड़ा का बॉक्स लें और उसमें वे सारी चीजें एक बार ही फैसला लेकर डालते जाएं, जो आप बहुत कम उपयोग में लाते हैं या आपके पास सिर्फ कहने को रखी हैं। इस बॉक्स को पैक करके अलग रख दें। जब भी आपको किसी जरूरतमंद की मदद करनी हो आप इसमे से सामान निकालकर अच्छे से पैक करके उन्हें दे सकते हैं। यह याद रखें कि सामान अच्छी स्थिति में हो।
* किसी भी चीज को सिर्फ इसलिए सम्भालकर न रखें कि आप उसे एक दिन सुधारकर काम में ले लेंगे। ऐसी किसी भी चीज को या तो अभी सुधार कर काम मे लें या हटा दें।
* हर तीन महीने में अपने पास रखी सामान्य दवाइयों व कॉस्मेटिक्स की एक्सपायरी डेट चैक करते रहें। जो भी दवाई एक्सपायरी डेट निकली हुई दिखाई दे, उसे तुरन्त नष्ट कर दें।