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39 साल की उम्र में 31 गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे स्वामी विवेकानंद, इस वजह से हुई थी उनकी मृत्यु

Sat, 12 Jan 2019 11:30 AM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: मोना नारंग Updated Sat, 12 Jan 2019 11:30 AM IST
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Swami Vivekananda Jayanti 2019 At the age of 39 Swami Vivekananda suffered from 31 ailments
Swami Vivekanand
आज स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस है। इस दिन को पूरा देश युवा दिवस के रुप में मनाता है। 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में जन्मे विवेकानंद के बारे में बताया जाता है कि वह खुद भूखे रहकर अतिथियों को खाना खिलाते थे। इतना ही नहीं वह उन्हें घर के अंदर ठहरा कर खुद बाहर ठंड में सो जाते थे। वह बचपन से ही तेज बुद्धि के थे। बहुत छोटी उम्र में उन्होंने वेद और दर्शन शास्त्र का ज्ञान हासिल कर लिया था। 25 साल की उम्र में अपने गुरु से प्रेरित होकर उन्होंने सांसारिक मोह-माया का त्याग कर वह संन्यासी बन गए थे।


अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का डंका बजाया था। आज भी उनके विचार हमारे जीवन में अनमोल मंत्र के रुप में काम आते हैं। आज स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें…
Swami Vivekananda Jayanti 2019 At the age of 39 Swami Vivekananda suffered from 31 ailments
Vivekanand
सबसे पहले स्वामी विवेकानन्द ने दुनिया को भारत के धर्म और आध्यात्म के सार से परिचित कराया था। उन्होंने साल 1893 में शिकागो मे दिए भाषण से लोगों को अपना दीवाना बना लिया था। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत “मेरे अमेरिकी भाइयो और बहनो” संबोधन के साथ की थी। स्वामी जी द्वारा यह वाक्य बोलते ही पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजने लगा और वहां उपस्थित हर व्यक्ति उनके विचारों से प्रभावित हुआ। जिस वजह से विदेशी मीडिया ने उन्हें साइक्लॉनिक हिंदू नाम दिया था।
Swami Vivekananda Jayanti 2019 At the age of 39 Swami Vivekananda suffered from 31 ailments
स्वामी विवेकानंद
विश्व धर्म सम्मेलन में हिन्दू धर्म पर प्रभावी भाषण देने के बाद वहां के अखबार 'न्यूयॉर्क हेरॉल्ड' ने विवेकानंद के लिए लिखा था, 'इसमें कोई संदेह नहीं कि धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद सबसे महान व्यक्तित्व हैं। उन्हें सुनकर लगता है कि भारत जैसे ज्ञानी राष्ट्र में ईसाई धर्म प्रचारक भेजना मूर्खतापूर्ण है। वे यदि केवल मंच से गुजरते भी हैं तो तालियां बजने लगती हैं।'
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Swami Vivekananda Jayanti 2019 At the age of 39 Swami Vivekananda suffered from 31 ailments
स्वामी विवेकानंद
जब विश्व धर्म महासभा में भारत की तरफ से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व करने विवेकानंद पहुंचे थे, तो वहां के आयोजकों ने उन्हें तंग करने के लिए उनके नाम के आगे शून्य लिख दिया था। इसके बाद स्वामी विवेकानंद ने बिना घबराए स्टेज पर जाकर अपने भाषण की शुरुआत ही शून्य से कर डाली।
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Swami Vivekananda Jayanti 2019 At the age of 39 Swami Vivekananda suffered from 31 ailments
स्वामी विवेकानंद - फोटो : SELF
स्वामी विवेकानंद को दमा और शुगर की बीमारी थी। उन्होंने कहा भी था, 'ये बीमारियां मुझे 40 साल भी पार नहीं करने देंगी।' अपनी मृत्यु के बारे में उनकी भविष्यवाणी एकदम सच साबित हुई। 39 बरस की बेहद कम उम्र में 4 जुलाई 1902 को विवेकानंद की मृत्यु हो गई थी।
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