हार्ट अटैक के कारण अचानक होने वाले मौत के मामले पिछले दो वर्षों में अचानक काफी तेजी से बढ़े हैं। आश्चर्यजनक रूप से शादियों में डांस करते हुए, जिम के दौरान, बैठे-बैठे लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है जिससे लोगों की तुरंत मृत्यु हो जा रही है। हृदय रोगों, विशेषतौर पर हार्ट अटैक को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर देखा जाता था, हालांकि 30 से भी कम आयु के लोगों में अब इसका खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को, भले ही आप स्वस्थ हैं, हृदय की सेहत को लेकर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।
Heart Attack: नहीं रुक रहे मौत के मामले, बिना हृदय की बीमारी वाले लोग भी हो रहे हैं अचानक हार्ट अटैक का शिकार
शादी के दौरान-वॉलीबॉल खेलते हुए मौत
A 19 years old boy, dancing on DJ in a marriage party suddenly fell down and died on the spot.
हालिया मामलों को देखें तो उडुपी स्थित कुककुंडूर में वॉलीबॉल खेल रहे एक व्यक्ति की हृदय घात से मौत हो गई। मृतक संतोष (34) शाम को अचानक वॉलीबॉल खेलते समय बेहोश हो गए। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती किया, पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इसी तरह से हैदराबाद में एक शादी समारोह के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से 19 वर्षीय लड़के की अचानक मृत्यु हो गई। बारात में नाचते समय अचानक लड़का गिर गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। यह दोनों घटनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
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गौरतलब है कि प्राथमिक रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दोनों को ही पहले से किसी तरह की दिल की बीमारी नहीं थी।
पहले से हृदय रोग के बिना भी हार्ट अटैक के मामले
इस तरह के मामलों से सवाल खड़ा होता है कि क्या पहले से धमनियों में कोई रुकावट न होने की स्थिति में भी दिल का दौरा पड़ना संभव है? या फिर अगर आपको पहले से हृदय रोगों की दिक्कत नहीं है तो भी हार्ट अटैक का शिकार हो सकते हैं?
इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से धमनियों में रुकावट के बिना होने वाले हार्ट अटैक को मायोकार्डियल इंफ्रैक्शन (मिनोका) कहा जाता है। यह मुख्यतौर पर हार्ट में रक्त के संचार में कमी के कारण होने वाली समस्या है, इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।
मायोकार्डियल इंफ्रैक्शन में क्या लक्षण होते हैं?
मिनोका के लक्षण भी दिल के दौरे के समान होते हैं। इसमें अचानक सीने में दर्द, दर्द जो हाथों तक फैलने लगता है, सांस की तकलीफ और मतली जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसे साइलेंट हार्ट अटैक की समस्या के रूप भी जाना जाता है। भले ही आपको हृदय रोग न हो फिर भी हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आहार, जीवनशैली को ठीक रखने और हार्ट अटैक को बढ़ावा देने वाली स्थितियों जैसे धूम्रपान-शराब, शारीरिक निष्क्रियता से बचाव करते रहना चाहिए।
कोरोना संक्रमित रहे हैं तो बरतें और भी सावधानी
अध्ययनों में पाया गया कि कोरोना संक्रमण का शिकार रह चुके लोगों में लॉन्ग कोविड का खतरा हो सकता है, जिसमें हृदय स्वास्थ्य की समस्याएं अधिक देखी गई हैं। ऐसे लोगों को डॉक्टर से मिलकर हृदय स्वास्थ्य की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन स्थितियों से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर के लेवल को नियंत्रित रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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