समय में बदलाव के साथ-साथ लोगों में इतने बदलाव आ गए हैं कि उनकी मानसिकता को समझ पाना बिल्कुल मुश्किल हो गया है। बात किसी सामान की हो या रिश्तों की लोगों की सोच ऐसी बनती जा रही है जैसे हर चीज कुछ समय तक मन बहलाने के लिए बनी हो। जिससे जी भर जाए तो कुछ और ढूंढ लिया जाए। भारत में रिश्तों की भी कुछ ऐसी ही हालत हो गयी है।
सर्च इंजन गूगल की एक रिपोर्ट की मानें तो भारत में लोग मैट्रिमनियल साइट्स पर लाइफ पार्टनर ढूंढने से ज्यादा डेटिंग साइट्स पर पार्टनर तलाशना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ईयर इन सर्च-इंडिया इनसाइट्स फॉर ब्रैंड्स’ की रिपोर्ट में सामने आया है कि इंटरनेट के जरिये डेटिंग पार्टनर खोजना 40 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि मैट्रिमनियल साइट्स के जरिए इंटरनेट पर शादी का रिश्ता तलाशने में सिर्फ 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि अभी भी डिजिटल दुनिया में डेटिंग पार्टनर खोजने की तुलना में शादी के रिश्ते तीन गुना ज्यादा तलाशे जा रहे हैं। लेकिन जिस गति से भारतीय यूजर्स में डेटिंग का क्रेज बढ़ रहा है, उसे देखकर लगता है कि कुछ सालों में यह ट्रेंड ‘लाइफ पार्टनर’ खोजने के ट्रेंड को पीछे कर देगा। गूगल का यह निरीक्षण मैट्रिमनियल साइट भारत मैट्रिमनी की फरवरी में की गई स्टडी का समर्थन करता है जिसमें कहा गया था कि एक आम भारतीय धीरे-धीरे काफी भावुक होता जा रहा है। इस सर्वे में शामिल 6 हजार भारतीयों में से 92 प्रतिशत का कहना था कि वे प्यार की तलाश में हैं।
इस सर्वे में यह बात भी सामने आयी है कि अपने प्यार का इजहार करने के लिए 24 प्रतिशत भारतीय शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, 21 प्रतिशत रोमांटिक डिनर के जरिए प्यार का इजहार करते हैं, 34 प्रतिशत गिफ्ट्स देकर जबकी 15 प्रतिशत भारतीय रोमांटिक हॉलिडे की प्लानिंग करके अपने पार्टनर के प्रति अपना प्यार जाहिर करते हैं।