फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पिता के ऐसे पत्र जिन्हें पढ़कर आपको पता चलेगा, यूं हीं कोई इंदिरा गांधी नहीं बन जाता

Sat, 17 Jun 2017 04:19 PM IST
amarujala.com- Presented by: संध्या द्विवेदी
amarujala.com- Presented by: संध्या द्विवेदी Updated Sat, 17 Jun 2017 04:19 PM IST
विज्ञापन
Fathers day- letter written by jawahar lal nehru to indira gandhi
letter - फोटो : पत्र
हर पिता अपनी बेटी को सीख देता है। अक्सर मन में आता है कि क्या बड़े-बड़े सेलिब्रिटिज भी अपनी बेटियों को यूं ही सीख देते होंगे। तो आपको पूर्व प्रधानमंत्री के अपनी बेटी इंदिरा को लिखे खत जरूर पढ़ने चाहिये। 1928 को नैनीताल की जेल से लिखे अपने पत्रों के जरिये जवाहर लाल नेहरू ने नन्हीं इंदिरा को कई बड़ी सीख दी। 

मेरी प्यारी इंदिरा

Fathers day- letter written by jawahar lal nehru to indira gandhi
LETTER - फोटो : yahoo.news
हम जब साथ थे तो देश-दुनिया के बारे में बहुत सारी बातें कीं। लेकिन संसार बहुत बड़ा है। और इस संसार के आगे भी एक रहस्यों से भरा संसार है। इसलिये हममे से किसी को भी ये सोचना नहीं चाहिये कि हम सबकुछ सीखकर बहुत बुद्धिमान हो गये हैं। सीखने को हमेशा बहुत कुछ बचा रहता है। ऐसी ही कई बातें पिता के पत्र नाम से प्रकाशित किताब मे दर्ज हैं। पत्रों की कुछ बातें पढ़िये आप भी।
Fathers day- letter written by jawahar lal nehru to indira gandhi
NEHRU - फोटो : नेहरू
प्यारी बेटी इंदिरा, 

भारत विविधताओं से भरा देश है। यहां अलग-अलग रंग, रूप और क्षमताओं के लोग रहते हैं। भारत की विविधता ही तो हमारी पहचान है। इसलिये इन आधारों पर फर्क करना अमानवीय है। 

डर से की गई बात बुरी होती है। पता है मजहब भी डर से आया। इसलिये मजहब के आधार पर दंगे फसाद गलत हैं।

प्यारी बेटी जो अपने को बदलकर आसपास की चीजों में मिला देते हैं, उनके लिए जिंदा रहना आसान हो जाता है। 

हमें याद रखना चाहिए कि हम बंदरों और वनमानुषों के वंश के ही हैं। तुम अगर गौर से लोगों के स्वाभाव का आंकलन करोगी तो पाओगी आज भी शायद हम में से कई लोगों का स्वभाव बंदरों जैसा ही है।

अंग्रेज अपने को दुनिया में सबसे बढ़कर समझता है, फ्रांसीसी का भी यही ख्याल है कि मैं ही सबसे बड़ा हूं, जर्मन, अमेरिकन और दूसरी जातियां भी अपने को बड़ा समझती हैं।
हर देश के आदमी को ऐसा लगता है कि हम ही सबसे अच्छे और होशियार हैं और दूसरी जातियाों और धर्म के लोग घटिया हैं।

कितना अच्छा होता अगर, अगर दुनिया के सभी आदमी खुश और सुखी होते। हमें कोशिश करनी चाहिए कि सारी दुनिया ऐसी हो जाए जहां लोग चैन से रह सकें।

गली में लड़ते दो आदमियों को हम बेवकूफ और पागल समझते हैं। तुरंत हम पुलिस को बुलाते हैं। पुलिस उन्हें डंडे मारती है तो जब दो बड़े मुल्क आपस में लड़ने लगें और लाखों आदमियों को मार डालें तो वह कितनी बड़ी बेवकूफी और पागलपन है।

मिलकर काम करना अकेले काम करने से अच्छा है। सबकी भलाई के लिए एक साथ मिलकर काम करना सबसे अच्छी बात है।





 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed