भाई और बहन का रिश्ता बेहद खास होता है। भाई-बहन एकदूसरे को सबसे अच्छे से जानते हैं, समझते हैं। वे एकदूजे से प्रेम करते हैं ,हंसी-मजाक करते हैं, टांग खिंचाई करते हैं लेकिन यदि कोई और उनमें से किसी एक का मजाक बना दे तो वे उसकी खटिया भी खड़ी कर देते हैं। कुल मिलाकर कहें तो भाई-बहन एक दूसरे की जान होते हैं। भाईदूज का पर्व निकट है और सभी भाई- बहन इस दिन के लिए बेहद उत्साहित भी रहते हैं। लेकिन समय के साथ कई बार भाई-बहन के इस स्नेह से भरेपूरे बंधन में भी एक प्रकार की दूरी महसूस होने लगती है, जिसके पीछे कई कारण होते हैं लेकिन कुछ छोटी-छोटी चीजें करके इस दूरी को आसानी से मिटाया जा सकता है।
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Bhaidooj 2020: इन तरीकों को अपनाने से भाई-बहन के रिश्ते में नहीं आएगी दूरी, बना रहेगा स्नेह
Sun, 15 Nov 2020 12:27 AM IST
तेजस्वी मेहता
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: तेजस्वी मेहता
Updated Sun, 15 Nov 2020 12:27 AM IST
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एकदूजे की रखें खबर
भाई-बहन का रिश्ता दोस्तों के रिश्ते सा नहीं होता है कि लंबे समय तक दूर रहने के बावजूद कुछ भी न बदले। इस रिश्ते में हमेशा एक-दूसरे के संपर्क में रहना जरूरी है। आजकल की इस व्यस्त जीवनशैली के कारण अक्सर भाई-बहनों के बीच दूरी आ जाती है। अगर आप अपने भाई या बहन से दूर हैं तो आप हफ्ते में दो बार उनके साथ फोन पर बात करके रिश्ते में पहले जैसी मिठास और अपनापन ला सकते हैं। ऐसा करने से आपको एक-दूसरे की कमी भी महसूस नहीं होगी।
भाई-बहन का रिश्ता दोस्तों के रिश्ते सा नहीं होता है कि लंबे समय तक दूर रहने के बावजूद कुछ भी न बदले। इस रिश्ते में हमेशा एक-दूसरे के संपर्क में रहना जरूरी है। आजकल की इस व्यस्त जीवनशैली के कारण अक्सर भाई-बहनों के बीच दूरी आ जाती है। अगर आप अपने भाई या बहन से दूर हैं तो आप हफ्ते में दो बार उनके साथ फोन पर बात करके रिश्ते में पहले जैसी मिठास और अपनापन ला सकते हैं। ऐसा करने से आपको एक-दूसरे की कमी भी महसूस नहीं होगी।
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किसी भी परिस्थिति में न छोड़ें साथ
विषम से विषम परिस्थिति में भी एक-दूसरे का साथ न छोड़ें। जब कभी भी भाई या बहन से मनमुटाव हो या बहुत गुस्सा आए तो आप उस दिन को याद कीजिए जब आप बचपन में किसी मुसीबत में फंस गए हो , तो मां-पापा की गैर मौजूदगी में आपके भाई या बहन ने ही आपका साथ दिया होगा। इसलिए अगर आपका भाई या बहन किसी मुसीबत में फंस जाए तो एक -दूसरे की जरूर मदद करें। मनमुटाव होने पर बातचीत बंद करने का विकल्प आप लोगों के लिए नहीं है।
विषम से विषम परिस्थिति में भी एक-दूसरे का साथ न छोड़ें। जब कभी भी भाई या बहन से मनमुटाव हो या बहुत गुस्सा आए तो आप उस दिन को याद कीजिए जब आप बचपन में किसी मुसीबत में फंस गए हो , तो मां-पापा की गैर मौजूदगी में आपके भाई या बहन ने ही आपका साथ दिया होगा। इसलिए अगर आपका भाई या बहन किसी मुसीबत में फंस जाए तो एक -दूसरे की जरूर मदद करें। मनमुटाव होने पर बातचीत बंद करने का विकल्प आप लोगों के लिए नहीं है।
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सुख-दुख करें साझा
अपने रिश्ते को और गहरा करने के लिए एक-दूसरे से अपनी खुशियों और समस्याओं को साझा करें। अगर आप दोनों एक-दूसरे से दूर रहते हैं तो आप वीडियो कॉलिंग के जरिये भी बात करें। ऐसा करने से आप एकदूजे की भाव- भंगिमा को समझ पाएंगे। किसी बड़े दिन या उत्सव पर एकदूसरे को गिफ्ट देकर भी भाई-बहन के इस रिश्ते को खास बना सकते हैं। दुख के दिनों में अधिक से अधिक अपने भाई या बहन को समझने का प्रयत्न करें।
अपने रिश्ते को और गहरा करने के लिए एक-दूसरे से अपनी खुशियों और समस्याओं को साझा करें। अगर आप दोनों एक-दूसरे से दूर रहते हैं तो आप वीडियो कॉलिंग के जरिये भी बात करें। ऐसा करने से आप एकदूजे की भाव- भंगिमा को समझ पाएंगे। किसी बड़े दिन या उत्सव पर एकदूसरे को गिफ्ट देकर भी भाई-बहन के इस रिश्ते को खास बना सकते हैं। दुख के दिनों में अधिक से अधिक अपने भाई या बहन को समझने का प्रयत्न करें।
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याद करें बचपन प्यारा-प्यारा
जब भी हो सके, एक-दूसरे को समय दें। एक-साथ बैठकर अपने बचपन की यादों को ताजा करें। ऐसा करने से आप दोनों एक-दूसरे के और करीब आने लगेंगे। एक-दूसरे को बचपन की बदमाशी और मम्मी-पापा की डांट याद दिलाएं। ऐसा करने से आप फिर से अपने खुशनुमा बचपन को जी पाएंगे और आपका रिश्ता फिर से स्नेह से परिपूर्ण हो जाएगा। ये बचपन की यादें आपके रिश्ते को और भी ज्यादा प्यार से भर देगी।
जब भी हो सके, एक-दूसरे को समय दें। एक-साथ बैठकर अपने बचपन की यादों को ताजा करें। ऐसा करने से आप दोनों एक-दूसरे के और करीब आने लगेंगे। एक-दूसरे को बचपन की बदमाशी और मम्मी-पापा की डांट याद दिलाएं। ऐसा करने से आप फिर से अपने खुशनुमा बचपन को जी पाएंगे और आपका रिश्ता फिर से स्नेह से परिपूर्ण हो जाएगा। ये बचपन की यादें आपके रिश्ते को और भी ज्यादा प्यार से भर देगी।