National Tourism Day 2023: भारत अपनी विविधताओं के लिए मशहूर है। भारत में कई भाषाएं और बोलियां हैं। अलग अलग राज्यों की संस्कृति और परंपराएं हैं। ऐतिहासिक किस्सों से भरपूर देश में कई पर्यटन स्थल हैं। भारत समेत दुनियाभर से लोग देश के खूबसूरत नजारों को देखने के लिए आते हैं। भारतीय पर्यटन स्थलों के प्रचार प्रसार के लिए प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाया जाता है। पर्यटन दिवस के माध्यम से देश विदेश तक भारत की ऐतिहासिकता, खूबसूरती, प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति का प्रचार प्रसार किया जाता है।
National Tourism Day 2023: कब और क्यों हुई राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत? जानिए इस साल की थीम
पर्यटन दिवस का इतिहास
भारत में राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 25 जनवरी को मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरुआत आजादी के बाद वर्ष 1948 में हुई थी। आजाद भारत में पर्यटन के महत्व को समझते हुए इसे बढ़ावा देने के लिए एक पर्यटन यातायात समिति का गठन किया गया। पर्यटन यातायात समिति के गठन के तीन साल बाद 1951 में कोलकाता और चेन्नई में पर्यटन दिवस के क्षेत्रीय कार्यालयों में बढ़ोतरी हो गई। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पर्यटन कार्यालय बनाए गए। बाद में साल 1998 में पर्यटन और संचार मंत्री के नेतृत्व में एक पर्यटन विभाग बनाया गया।
पर्यटन दिवस का उद्देश्य
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्य भारतीय पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार है। इसके अलावा पर्यटन के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। वैश्विक स्तर पर पर्यटन के सामाजिक, राजनीतिक, वित्तीय और सांस्कृतिक मूल्य के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2023 की थीम
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2023 की थीम 'ग्रामीण और सामुदायिक केंद्रित पर्यटन' (Rural and Community Centric Tourism) है। वहीं पिछले वर्ष 2022 की थीम "आजादी का अमृत महोत्सव" रही थी।
भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल
- आगरा का ताजमहल
- दिल्ली का लाल किला
- जयपुर का गुलाबी शहर
- दक्षिण भारत, कन्याकुमारी
- कश्मीर, भारत का स्वर्ग
- लेह लद्दाख, बर्फ से ढकी वादियां
- गोवा, समुद्री किनारे