बहुत कम ही लोग ऐसे देखने को मिलते हैं जो बिना किसी स्वार्थ के अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर देते हैं। मदर टेरेसा उन्हीं में से हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन बेसहारा, गरीबों, लाचारों और मानवता की सेवा में समर्पित कर दिया। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 26 अगस्त 1910 को हुआ था। मदर टेरेसा कैथोलिक नन थी। उन्होंने साल 1948 में भारत की नागरिकता ली और साल 1980 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। इससे पहले 17 अक्तूबर 1979 में उन्हें शांति के नोबेल पुरस्कार से भी नवाजा गया। मदर टेरेसा अपने अच्छे कामों के साथ-साथ अनमोल वचनों के लिए भी जानी जाती हैं। आइए जानते हैं उनके कुछ चुनिंदा अनमोल वचन.....
Mother teresa Birthday: ममता की मूरत मदर टेरेसा के जन्मदिन पर उनके इन विचारों से लें प्रेरणा
मुस्कुराहट से ही शांति की शुरुआत होती है।
अगर आप 100 लोगों की सहायता नहीं कर सकते तो केवल एक की ही मदद कर दो।
मीठे बोल बोलने में आसान होते हैं लेकिन उनकी गूंज अनंत तक होती है।
भगवान कभी ये नहीं चाहते हैं कि हम सफल हों, वो बस इतना चाहते हैं कि हम निरंतर प्रयास करते रहें।
हम भविष्य से डरते हैं क्योंकि हम आज को बर्बाद कर रहे हैं।
कल तो चला गया, आने वाला कल अभी आया नहीं, हमारे पास सिर्फ आज है। आइए शुरुआत करें।
मैं सफलता के लिए नहीं बल्कि विश्वास के लिए प्रार्थना करती हूं।
बात यह नहीं है कि हम कितना देते हैं, महत्वपूर्ण यह है कि हम कितना प्यार से देते हैं।