दही को दुनियाभर में सबसे स्वादिष्ट और सेहतमंद खाद्य पदार्थों में से एक माना जाता है। लैक्टोबैसिलस डेलब्रुइकी नामक जीवाणु संवर्धन द्वारा दूध के किण्वन से दही तैयार किया जाता है। दही में कई प्रकार के ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बहुत आवश्यक होते हैं। गर्मी हो या सर्दी हर मौसम में दही का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके सेवन से शरीर को ठंडक मिलती है और साथ ही साथ इम्यूनिटी भी मजबूत होती है।
Yogurt Benefits: दही खाने से मिलते हैं कई लाजवाब फायदे, लेकिन इस बीमारी में दही का सेवन हो सकता है घातक!
Benefits Of Eating Yogurt: दही में कई तरह के पोषक तत्व और प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप दही को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। दही का सेवन आप सर्दी या गर्मी में कभी भी कर सकते हैं।
दही खाने के कई फायदे हैं। दही एक तरह की प्रोबायोटिक है जो पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं में काफी फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद बैक्टीरिया स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी होते हैं। दही में प्रोटीन और कैल्शियम के अलावा विटामिन बी6 और बी12 होता है जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
दही सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है लेकिन कुछ बीमारियों में इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है। ऐसी ही एक बीमारी है साइनस, इस बीमारी में दही का सेवन तकलीफ बढ़ा सकता है। वैसे तो साइनस की समस्या आजकल आम हो गई है, लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है।
साइनस इंफेक्शन में सिरदर्द, चेहरे पर दबाव, नाक बंद होना, सिर दर्द, बलगम जमना और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं। बता दें कि दही की तासीर ठंडी होती है, जो साइनस इंफेक्शन में शरीर में कफ बढ़ाने का काम करती है। साइनस पीड़ित में बलगम पहले से ही ज्यादा बनता है, ऐसे में दही का सेवन करने से स्थिति और खराब हो सकती है, जिससे नाक बंद होने और सांस लेने में परेशानी की समस्या बढ़ सकती है।
जानिए इफ्तार में पपीता खाने के फायदे?
साइनस की समस्या लोगों में आमतौर पर बैक्टीरिया या वायरल संक्रमण के कारण होती है। कुछ मामलों में दही में मौजूद बैक्टीरिया साइनस के संक्रमण को और बढ़ा सकते हैं। ऐसे में जिन लोगों को बार-बार साइनस की समस्या होती है, उन लोगों को दही का सेवन नहीं करना चाहिए।
साइनस में लोग दही की जगह गर्म पानी और हर्बल टी भी पी सकते हैं, इससे नाक और गले में जमे बलगम को साफ करने में मदद मिलती है। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो साइनस की सूजन को कम करने में मदद करते हैं होते है। इसलिए आप हल्दी वाले दूध का सेवन भी कर सकते हैं। वहीं तुलसी, अदरक और शहद जैसे तत्व भी इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं और साइनस से राहत दिलाने में मदद करते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।