क्या आपको पता है कि तकिए का कवर समय पर न बदलने से आपकी सेहत को बड़ा नुकसान हो सकता है? हम रोज रात को अपने तकिए पर सिर रखते हैं, जिससे उस पर पसीना, तेल, त्वचा की मृत कोशिकाएं और धूल के कण जमा हो जाते हैं। अगर इसे समय पर साफ न किया जाए, तो ये तकिया बैक्टीरिया, फंगस और डस्ट माइट्स (धूल के कण) का अड्डा बन सकता है, जिससे स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं।
Pillow Cover Change: तकिए का कवर रखें साफ, वरना सेहत को हो सकता है नुकसान, जानें कितने दिनों में करें चेंज
Skin problems pillowcase: अगर इसे समय पर साफ न किया जाए, तो ये तकिया बैक्टीरिया, फंगस और डस्ट माइट्स (धूल के कण) का अड्डा बन सकता है, जिससे स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं।
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तकिए का कवर बदलना क्यों है जरूरी?
त्वचा की समस्याएं:
गंदे तकिए पर सोने से चेहरे पर मुंहासे, रैशेज और स्किन इन्फेक्शन जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
सांस की तकलीफ:
तकिए में मौजूद डस्ट माइट्स और बैक्टीरिया से एलर्जी, नाक बंद होना और अस्थमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बालों की सेहत पर असर:
गंदे तकिए पर सोने से बाल जल्दी ऑयली और डैमेज हो सकते हैं। इससे बालों में रूसी और झड़ने की समस्या भी हो सकती है।
खुजली और जलन:
तकिए के कवर पर जमा गंदगी से त्वचा पर जलन और खुजली हो सकती है, जिससे आपकी नींद भी खराब हो सकती है।
कब करें तकिए का कवर चेंज?
- हर 3 से 4 दिन में तकिए का कवर बदलना सबसे बेहतर होता है।
- अगर आपकी त्वचा तैलीय है या आपको पसीना अधिक आता है, तो इसे 2-3 दिन में जरूर बदलें।
- अगर आपको त्वचा संक्रमण या एलर्जी है, तो तकिए का कवर हर दिन बदलना फायदेमंद होगा।
तकिए के कवर की देखभाल कैसे करें?
- तकिए का कवर गर्म पानी से धोएं ताकि बैक्टीरिया और डस्ट माइट्स खत्म हो जाएं।
- धोने के बाद कवर को धूप में सुखाएं ताकि इसमें जमे बैक्टीरिया पूरी तरह नष्ट हो जाएं।
- तकिए के कवर के लिए 100% कॉटन या सिल्क का इस्तेमाल करें, जिससे त्वचा पर कोई साइड इफेक्ट न हो।
- तकिए के नीचे प्रोटेक्टिव कवर (पिलो प्रोटेक्टर) का इस्तेमाल करें ताकि गंदगी और बैक्टीरिया से बचाव हो सके।