महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में खड़े होकर अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था, जिसे आज हम श्रीमद्भागवत गीता के नाम से जानते हैं। यह ज्ञान श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद नाम से भी विख्यात है। दरअसल, महाभारत के युद्ध में जब पांडवों और कौरवों की सेना आमने-सामने होती है, तो अर्जुन अपने सगे-संबंधियों, भाईयों और गुरुओं को देख कर विचलित हो जाते हैं। तब उनके सारथी बने श्रीकृष्ण ने उन्हें उपदेश दिया था। भगवान श्रीकृष्ण का वो ज्ञान आज भी लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। श्रीमद्भागवत गीता न केवल धर्म का उपदेश देती है, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाती है। गीता में कही गई बातों का पालन कर न सिर्फ हम खुद का, बल्कि समाज का भी कल्याण कर सकते हैं। जीवन में उत्पन्न कठिनाईयों से लड़ने के लिए मनुष्य को गीता में बताए ज्ञान के रास्ते पर चलना चाहिए। आइए जानते हैं गीता की वो 10 बातें, जो आपको भी अपने जीवन में अपनानी चाहिए।
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Janmashtami 2021: गीता की वो पांच बातें, जो आपको अपने जीवन में जरूर अपनानी चाहिए
Mon, 30 Aug 2021 12:32 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Mon, 30 Aug 2021 12:32 AM IST
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श्रीमद्भागवत गीता की बातें
- फोटो : iStock
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
क्रोध पर नियंत्रण रखें
- क्रोध मनुष्य को खा जाता है, उसे बर्बाद कर देता है। जब मनुष्य पर क्रोध छाता है, तो वह बुद्धिहीन हो जाता है, उसे समझ नहीं आता कि वह क्या कर रहा है, क्यों कर रहा है और ऐसे में उसका विनाश शुरू हो जाता है। इसलिए क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
नजरिये में बदलाव लाएं
- ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखने वाले व्यक्ति का ही नजरिया सही होता है। ऐसा व्यक्ति इच्छित फल की प्राप्ति कर सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मन पर नियंत्रण रखें
- जो मनुष्य अपने मन पर ही नियंत्रण नहीं कर पाता, उसका मन ही उसके लिए शत्रु बन जाता है। इसलिए मन पर नियंत्रण बहुत ही आवश्यक है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आत्म मंथन करना चाहिए
- व्यक्ति को आत्म मंथन जरूर करना चाहिए, क्योंकि आत्म ज्ञान ही वो ऐसी तलवार है, जिससे व्यक्ति अपने अंदर बैठे अज्ञान को काट सकता है।