इंसान ने हर दिन विज्ञान में तरक्की कर एक से बढ़कर एक उपकरण बनाए। जिनसे कि इंसानों के काम में मदद मिल सके। जिसमें एक उदाहरण माइक्रोवेव भी है। जिसे आजकल लोग समय बचाने के लिए खाना गर्म करने तो कुछ नए पकवान बनाने के लिए करते हैं। लेकिन कभी आपने सोचा है कि क्या माइक्रोवेव में खाना गर्म करना सेहत के लिए सुरक्षित है भी या नहीं? तो आगे की स्लाइड में जानिए माइक्रोवेव में खाना गर्म करने से कीटाणु मरते हैं या नहीं।
कहा जाता है कि खाना अगर दो से तीन घंटे पहले बना है तो उसे गर्म करने के बाद ही खाएं क्योंकि ऐसा खाना बासी खाने की श्रेणी में आ जाता है। इस तरह के भोजन में कीटाणु का पनपना शुरू हो जाता है। लेकिन क्या इस तरह के खाने को माइक्रोवेव में गर्म करके खाना सही है। इस बारे में कई सारे शोध हो चुके हैं। जिसमें माइक्रोवेव के इस्तेमाल के बारे में संशय को दूर करने की कोशिश की गई थी।
2007 में अमेरिका के एक विश्वविद्यालय में हुए शोध में टेस्ट किया गया कि क्या गर्म करने पर माइक्रोवेव कीटाणुआों और वायरस को मारता है। इस टेस्ट को पूरा करने के लिए शोधकर्ताओं ने एक गंदे स्पंज को लिया जिसे अपशिष्ट जल में भिगोया गया था। जिसमें फेकल बैक्टीरिया और दूसरे वायरस भी थे। इस गंदे स्पंज में कुछ इतने खतरनाक बीजाणु थे जिन्हें मारने के लिए गर्मी, केमिकल और रेडिएशन भी काफी नहीं होते हैं।
इस स्पंज को माइक्रोवेव के तेज तापमान में दो मिनट के लिए रखा गया। जिससे 99 प्रतिशत जीवाणु वायरस और बैक्टीरिया मर गए। वहीं बेसिलस सेरेस बीजाणु को मारने के लिए चार मिनट तक लग गए। इस टेस्ट से ये निष्कर्ष निकला कि माइक्रोवेव कीटाणुओं को मारने में सक्षम है।
हालांकि शोध में भले ही सारे कीटाणु मर गए हों लेकिन ये माइक्रोवेव के तापमान पर भी निर्भर करता है। साथ ही इसके, खाने का हर तरफ से गर्म होना भी बहुत जरूरी है। अगर माइक्रोवेव में खाना चारों तरफ से गर्म नहीं होगा तो खाने में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया मरेंगे नहीं। इसलिए माइक्रोवेव में खाना गर्म करना हमेशा पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रहता और इसमें रोगाणु जिंदा बचे रह जाने के चांस रहते हैं।