कोलेस्ट्रॉल का सीधा संबंध हमारे दिल से है। एक बार कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो जाने के बाद हमेशा खाते समय सावधान रहना पड़ता है। कोलेस्ट्रॉल से निजात पाने के लिए सही खान-पान के विषय में जानकारी होना जरूरी है। इसे कम करने के लिए कई तरह के खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल कर सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल एक वसायुक्त तत्व है जिसका उत्पादन लीवर करता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने के लिए सीमित मात्रा में वसा का सेवन करना चाहिए। 5 ऐसे फल हैं जो आपकी इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। ये फल कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में मददगार हैं।
{"_id":"5eb2cb07ab88663e0e58638c","slug":"fruits-good-for-heart-and-cholesterol","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इन फलों के सेवन से शरीर रहेगा स्वस्थ, कोलेस्ट्रॉल की समस्या से मिलेगा छुटकारा","category":{"title":"Food","title_hn":"फूड","slug":"healthy-food"}}
इन फलों के सेवन से शरीर रहेगा स्वस्थ, कोलेस्ट्रॉल की समस्या से मिलेगा छुटकारा
Thu, 07 May 2020 08:46 AM IST
योगेश जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Thu, 07 May 2020 08:46 AM IST
विज्ञापन
Trending Videos
नाशपाती
- नाशपाती में पानी में घुलनशील पैक्टिक फाइबर होता है जो सेलूलोज के स्तर को नियंत्रित करता है। स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी बहुत से पोषक तत्व नाशपती में पाए जाते हैं। प्राकृतिक विटामिन, मिनरल और एंजाइम के साथ ही इसमें ऐसे एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो बेकार कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता रखते हैं।
सेब
- सेहत का खजाना कहे जाने वाले सेब में प्रोटीन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसका नियमित सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल घटता है और ब्लड प्रेशर भी सामान्य बना रहता है। सेब में पेक्टिन के घुलनशील रेशे होते हैं, जो रक्त में कोलेस्ट्राल का स्तर घटाते हैं और शरीर के लिए एंटी बैक्टीरिया की भूमिका निभाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नींबू
- खट्टे फलों में ऐसे एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को तेज करके कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक होते हैं। नींबू में मौजूद घुलनशील फाइबर खाने की थैली से बेकार कोलेस्ट्रॉल को रक्त प्रवाह में जाने से रोक देते हैं। इसमें पाया जाने वाला विटामिन सी रक्तवाहिका नलियों की सफाई करता है।
विज्ञापन
टमाटर
- इसे खाने से हार्ट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। ये रक्तवाहिनियों में थक्का जमने से रोकता है। खून का थक्का रक्त के बहाव में रुकावट पैदा करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा होता है।