फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

चीनी से कई गुना ज्यादा नुकसानदेह है कृत्रिम मिठास, उपयोग से पहले बरतें सावधानी

Sun, 25 Aug 2019 08:43 AM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: मोना नारंग Updated Sun, 25 Aug 2019 08:43 AM IST
विज्ञापन
Dangerous effects of artificial sweeteners on your health
artificial sweeteners - फोटो : facebook

यूं तो डायबिटीज बड़ी समस्या है, लेकिन कई बार इस समस्या से बचने के लिए लोग अन्य दिक्कतों को खुद ही आमंत्रित कर बैठते हैं। कई लोग बिना सोचे-समझे कृत्रिम मिठास का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। उन्हें लगता है कि इससे वह डायबिटीज से बचे रहेंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। कई बार कृत्रिम मिठास के इस्तेमाल से लोगों के शरीर में पाचन क्रिया पर विपरीत असर पड़ता है। इसका इस्तेमाल आंतों में मौजूद बैक्टीरिया पर नकारात्मक असर डालता है। यह आपकी भूख, पाचनशक्ति और शारीरिक क्षमता को प्रभावित करता है।

Dangerous effects of artificial sweeteners on your health
headache

डॉ. पायल शर्मा, सीनियर डाइटीशियन बताती हैं कृत्रिम मिठास से जुड़े उत्पादों का सच समझना बेहद आवश्यक है। इनके कई स्वास्थ्य संबंधी खतरे हैं। इनसे सिरदर्द, एंजाइटी, डिप्रेशन और पेट में तकलीफ जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इनका प्रयोग करने से पहले चिकित्सीय सलाह लेना आवश्यक है, क्योंकि शुगर शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं होती है। शुगर प्रोडेक्ट की अधिकता शरीर को नुकसान पहुंचाती है, इसलिए इसका इस्तेमाल सोच समझकर करना चाहिए। 

Dangerous effects of artificial sweeteners on your health
सिरदर्द - फोटो : getty images

स्वस्थ रहने के मकसद से लोग चीनी की जगह आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करते हैं। इसका प्रयोग मोटापे और दिल संबंधी बीमारियों को न्योता दे सकता है। आमतौर पर काफी मात्रा में प्रयोग में लाए जा रहे कृत्रिम मिठासों में एस्पार्टेम, सुक्रलोज और स्टेविया जैसे तत्व शामिल होते हैं। इनमें पोषक तत्वों की कमी होती है और उपापचय की क्रिया ठीक ढंग से नहीं हो पाती है। इनके इस्तेमाल से दिल की बीमारी, हाई ब्लडप्रेशर और शुगर जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Dangerous effects of artificial sweeteners on your health
artificial sweeteners - फोटो : facebook

शुगर फ्री गोलियां बनाते समय सेक्रीन का इस्तेमाल किया जाता है। यह पेट और लिवर दोनों पर बुरा असर डालता है और इससे कैंसर होने का खतरा भी काफी बढ़ सकता है। वहीं, आर्टिफिशियल स्वीटनर के इस्तेमाल से लोगों के पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। इसका सेवन करने से व्यक्ति को भूख नहीं लगती। जिससे जरूरी कैलोरी की कमी होने लगती है। वहीं दिल की बीमारी से परेशान लोगों को शुगर फ्री गोलियों का इस्तेमाल करने से कई तरह की दिक्कतें हो जाती हैं। ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी यह हानिकारक हो सकता है क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है। साथ ही इसके साइड इफेक्ट से आंखों की रोशनी कम होने की संभावना भी रहती है। 

विज्ञापन
Dangerous effects of artificial sweeteners on your health
burger coldrink

शरीर का मेटाबॉलिजम भी इससे प्रभावित होता है। आजकल खाने के बहुत से उत्पाद जैसे कोल्डड्रिंक, बिस्कुट, केक आदि शुगर फ्री बाजार में मिलते हैं। कई लोगों को लगता है कि इनका इस्तेमाल करना आम उत्पादों के इस्तेमाल से बेहतर होगा, जबकि हर केस में ऐसा जरूरी नहीं होता है। आपके उत्पाद में कौन सी कृत्रिम शुगर ली गई है। आपके शरीर को किन चीजों की कितनी मात्रा में आवश्यकता है। इसके आधार पर ही शरीर पर किसी उत्पाद का प्रभाव पड़ता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed