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विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस: मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति से बात करते समय क्या कहें और क्या न कहें?
Thu, 10 Sep 2026 09:41 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 10 Sep 2026 09:41 AM IST
सार
World Suicide Prevention Day: आज विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के मौके पर हम आपको बताएंगे उन बातों के बारे में, जिनका ध्यान आपको ऐसे व्यक्ति से बात करते समय रखना है, जो काफी परेशान है।
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डिप्रेशन और तनाव से जूझ रहे व्यक्ति से कैसे करें बात?
- फोटो : AI
World Suicide Prevention Day: हर साल 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य आत्महत्या जैसे गंभीर विषय को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
डिप्रेशन और तनाव से जूझ रहे व्यक्ति से कैसे करें बात?
- फोटो : AI
परेशान व्यक्ति से बात करते समय इन बातों का रखें ध्यान
बिना जज किए उसकी बात सुनें: अगर कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या किसी परेशानी से गुजर रहा है, तो सबसे पहले उसकी बात ध्यान से सुनें। उसे बीच में रोकने या तुरंत अपनी राय देने के बजाय अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करने का मौका दें।
उसकी परेशानी को गंभीरता से लें: अगर कोई व्यक्ति बार-बार उदासी, निराशा या तनाव की बात करता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। उसकी परेशानी को छोटी बात समझकर टालना सही नहीं है।
बिना जज किए उसकी बात सुनें: अगर कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या किसी परेशानी से गुजर रहा है, तो सबसे पहले उसकी बात ध्यान से सुनें। उसे बीच में रोकने या तुरंत अपनी राय देने के बजाय अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करने का मौका दें।
उसकी परेशानी को गंभीरता से लें: अगर कोई व्यक्ति बार-बार उदासी, निराशा या तनाव की बात करता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। उसकी परेशानी को छोटी बात समझकर टालना सही नहीं है।
डिप्रेशन और तनाव से जूझ रहे व्यक्ति से कैसे करें बात?
- फोटो : AI
सहानुभूति दिखाएं: उससे बात करते समय यह महसूस कराएं कि आप उसकी स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। “मैं तुम्हारी बात समझने की कोशिश कर रहा हूं” या “तुम अकेले नहीं हो” जैसे शब्द उसे भावनात्मक सहारा दे सकते हैं।
तुरंत समाधान देने की कोशिश न करें: परेशान व्यक्ति को हर बार सलाह या समाधान की जरूरत नहीं होती। कई बार वह सिर्फ चाहता है कि कोई उसकी बात शांति से सुने। इसलिए पहले उसकी पूरी बात समझें और फिर जरूरत के मुताबिक मदद करें।
तुरंत समाधान देने की कोशिश न करें: परेशान व्यक्ति को हर बार सलाह या समाधान की जरूरत नहीं होती। कई बार वह सिर्फ चाहता है कि कोई उसकी बात शांति से सुने। इसलिए पहले उसकी पूरी बात समझें और फिर जरूरत के मुताबिक मदद करें।
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डिप्रेशन और तनाव से जूझ रहे व्यक्ति से कैसे करें बात?
- फोटो : AI
सकारात्मक लेकिन संवेदनशील भाषा इस्तेमाल करें: बातचीत के दौरान ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करें, जिससे उसे भरोसा और सुरक्षा महसूस हो। उसे बताएं कि जरूरत पड़ने पर वह आपसे दोबारा बात कर सकता है और मदद मांगना बिल्कुल ठीक है।
अगर आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने की बात करे, तो इसे गंभीरता से लें: ऐसी बात को मजाक या गुस्से में कही गई बात समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। व्यक्ति को अकेला न छोड़ें और परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या स्थानीय आपातकालीन सहायता से तुरंत संपर्क करें।
बाद में भी संपर्क में रहें: केवल एक बार बातचीत करके अपनी जिम्मेदारी खत्म न समझें। कुछ समय बाद फोन करके या मैसेज के जरिए उसका हाल पूछें। लगातार मिलने वाला भावनात्मक सहयोग व्यक्ति को यह महसूस करा सकता है कि उसके साथ लोग मौजूद हैं।
अगर आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने की बात करे, तो इसे गंभीरता से लें: ऐसी बात को मजाक या गुस्से में कही गई बात समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। व्यक्ति को अकेला न छोड़ें और परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या स्थानीय आपातकालीन सहायता से तुरंत संपर्क करें।
बाद में भी संपर्क में रहें: केवल एक बार बातचीत करके अपनी जिम्मेदारी खत्म न समझें। कुछ समय बाद फोन करके या मैसेज के जरिए उसका हाल पूछें। लगातार मिलने वाला भावनात्मक सहयोग व्यक्ति को यह महसूस करा सकता है कि उसके साथ लोग मौजूद हैं।
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डिप्रेशन और तनाव से जूझ रहे व्यक्ति से कैसे करें बात?
- फोटो : AI
ऐसी बातें कहने से बचें
परेशान व्यक्ति से बातचीत के दौरान कुछ वाक्य उसकी स्थिति को और मुश्किल बना सकते हैं। जैसे—“सबके जीवन में परेशानी होती है”, “इतना मत सोचो”, “तुम्हें मजबूत बनना चाहिए” या “यह सब सिर्फ तुम्हारे दिमाग में है।” इस तरह की बातें उसकी भावनाओं को कमतर दिखा सकती हैं और उसे लग सकता है कि सामने वाला उसकी परेशानी को समझ नहीं रहा।
इसके बजाय उसकी बात को ध्यान से सुनें और बिना किसी आलोचना के उसका साथ दें। उसे यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि मदद मांगना कमजोरी नहीं है और जरूरत पड़ने पर परिवार, दोस्तों या किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेना एक सही कदम है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
परेशान व्यक्ति से बातचीत के दौरान कुछ वाक्य उसकी स्थिति को और मुश्किल बना सकते हैं। जैसे—“सबके जीवन में परेशानी होती है”, “इतना मत सोचो”, “तुम्हें मजबूत बनना चाहिए” या “यह सब सिर्फ तुम्हारे दिमाग में है।” इस तरह की बातें उसकी भावनाओं को कमतर दिखा सकती हैं और उसे लग सकता है कि सामने वाला उसकी परेशानी को समझ नहीं रहा।
इसके बजाय उसकी बात को ध्यान से सुनें और बिना किसी आलोचना के उसका साथ दें। उसे यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि मदद मांगना कमजोरी नहीं है और जरूरत पड़ने पर परिवार, दोस्तों या किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेना एक सही कदम है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।