World Sight Day: आज विश्व दृष्टि दिवस है। हर साल अक्तूबर के दूसरे गुरुवार को आंखों की सेहत के प्रति जागरूकता के लिए यह दिन मनाया जाता है और इस बार यह आज 8 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। भागदौड़ भरी जिंदगी और मोबाइल-लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से हमारी आंखों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है, लेकिन हम तब तक ध्यान नहीं देते जब तक नजर कमजोर न हो जाए।
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विश्व दृष्टि दिवस: आंखों की रोशनी कमजोर होने से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत, इस उम्र में जरूर कराएं जांच
Thu, 08 Oct 2026 09:01 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 08 Oct 2026 09:01 AM IST
सार
World Sight Day: आज 8 अक्तूबर को विश्व दृष्टि दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आंखों की सेहत, कमजोर नजर के शुरुआती संकेतों और समय पर जांच के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
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आंखों की रोशनी कमजोर होने से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत
- फोटो : AI
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आंखों की रोशनी कमजोर होने से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत
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आंखों की रोशनी कमजोर होने से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत
1. बार-बार सिरदर्द होना - अगर पढ़ने, मोबाइल चलाने या लैपटॉप पर काम करने के बाद माथे और आंखों के आसपास दर्द होता है, तो यह कमजोर नजर का सबसे पहला संकेत है।
2. धुंधला या दोहरा दिखना - दूर रखे बोर्ड या किताब के अक्षर साफ न दिखना, चीजों का हिलता हुआ महसूस होना नजर कमजोर होने की निशानी है।
1. बार-बार सिरदर्द होना - अगर पढ़ने, मोबाइल चलाने या लैपटॉप पर काम करने के बाद माथे और आंखों के आसपास दर्द होता है, तो यह कमजोर नजर का सबसे पहला संकेत है।
2. धुंधला या दोहरा दिखना - दूर रखे बोर्ड या किताब के अक्षर साफ न दिखना, चीजों का हिलता हुआ महसूस होना नजर कमजोर होने की निशानी है।
आंखों की रोशनी कमजोर होने से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत
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3. आंखों को बार-बार मिचमिचाना - फोकस करने के लिए आंखों को सिकोड़ना या बार-बार रगड़ना इस बात का संकेत है कि आंखों पर ज्यादा जोर पड़ रहा है।
4. आंखों में पानी और जलन - तेज रोशनी में आंखों का चुंधियाना, पानी आना और जलन महसूस होना डिजिटल आई स्ट्रेन का लक्षण है।
4. आंखों में पानी और जलन - तेज रोशनी में आंखों का चुंधियाना, पानी आना और जलन महसूस होना डिजिटल आई स्ट्रेन का लक्षण है।
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आंखों की रोशनी कमजोर होने से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत
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5. रात में साफ न दिखना - रात के समय ड्राइविंग करते वक्त या कम रोशनी में देखने में परेशानी होना नाइट ब्लाइंडनेस का शुरुआती संकेत हो सकता है।
6. आंखों के सामने काले धब्बे दिखना - अचानक आंखों के सामने काले धागे, धब्बे या फ्लैश लाइट दिखना रेटिना की समस्या हो सकती है, इसे नजरअंदाज न करें।
6. आंखों के सामने काले धब्बे दिखना - अचानक आंखों के सामने काले धागे, धब्बे या फ्लैश लाइट दिखना रेटिना की समस्या हो सकती है, इसे नजरअंदाज न करें।
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आंखों की रोशनी कमजोर होने से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत
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कब करानी चाहिए आंखों की जांच?
- बच्चों को (5 से 16 साल) - हर 6 महीने में एक बार। कमजोर नजर का सीधा असर पढ़ाई पर पड़ता है।
- युवाओं को (20 से 40 साल) - जो लोग 6-8 घंटे स्क्रीन पर रहते हैं, उन्हें हर साल एक बार आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए।
- 40 साल के बाद - हर 6 से 12 महीने में। इस उम्र के बाद ग्लूकोमा और मोतियाबिंद का खतरा 3 गुना बढ़ जाता है।
- डायबिटीज के मरीजों को - हर 6 महीने में रेटिना की जांच अनिवार्य है।