प्रसवोत्तर अवसाद के मामले दुनियाभर में डिप्रेशन के प्रमुख प्रकारों में से एक हैं। बच्चे के जन्म के बाद मां को अवसाद होने का खतरा रहता है, जिसके गंभीर रूप लेने का भी जोखिम हो सकता है। यूएस फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने दुनिया की पहली पोस्टपार्टम पिल को मंजूरी दे दी है, माना जा रहा है कि इससे अवसाद के जोखिमों को कम करने में विशेष लाभ मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रसवोत्तर अवसाद (पीपीडी) के इलाज के लिए यहां बायोजेन और सेज थेरेप्यूटिक्स की पिल को मंजूरी दी गई है, कंपनी ने जुर्ज़ुवे नाम से दवा के लिए मंजूरी मांगी थी।
बड़ी खबर: पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लिए पहली ओरल पिल को मंजूरी, दावा- अवसाद के लक्षणों को कम करने में बेहद कारगर
ज़ुर्ज़ुवे दवा की मंजूरी के लिए आवेदन
सेज थेरेप्यूटिक्स और बायोजेन द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि यूएस ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा मंजूरी मिलने के बाद जुर्ज़ुवे दवा को साल 2023 की चौथी तिमाही में लॉन्च किया जा सकता है।
एफडीए ने मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर (एमडीडी) वाले वयस्कों के इलाज के लिए ज़ुर्ज़ुवे दवा के आवेदन के लिए जारी किए गए बयान में कहा है कि फिलहाल यह दवा कितनी प्रभावी है इसके लिए पर्याप्त सबूत नहीं है। अभी इसके लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता होगी।
पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लिए पहली ओरल दवा
एफडीए में मनोरोग की दवाओं के निदेशक डॉ. टिफ़नी फार्चियोन कहते हैं, गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, विशेषकर पोस्टपार्टम डिप्रेशन को झेल रही महिलाओं के लिए इस मौखिक दवा से लाभ मिल सकता है। एफडीए के विशेषज्ञों ने कहा है कि अब तक पोस्टपार्टम डिप्रेशन के इलाज के लिए इंटरवेनस इंजेक्शन को ही प्रयोग में लाया जाता रहा है, दवा के माध्यम से इस दिशा में विशेष लाभ मिल सकता है लेकिन ज़ुर्ज़ुवे इसमें कितनी कारगर है, इसकी प्रमाणिकता को समझने के लिए अभी और अधिक अध्ययनों की आवश्यकता है।
कंपनी का दावा- ये दवा अवसाद के लक्षणों को कर सकती है कम
वहीं, कंपनी द्वारा जारी किए गए गए बयान में कहा गया है कि यह गोली विशेष रूप से प्रसवोत्तर अवसाद के लिए डिजाइन की गई है, खास बात यह है कि अन्य एंटीडिप्रेसेंट दवाओं की तुलना में यह तेजी से काम करती है। इसे केवल दो सप्ताह की छोटी अवधि में लेने के लिए डिजाइन किया गया है।
प्रारंभिक शोध में पाया गया है कि इस अवधि में दवा के सेवन से लक्षणों को कम करने में विशेष लाभ मिल सकता है। हम इस दवा के बारे में, इसके दुष्प्रभावों आदि को समझने के लिए अध्ययन कर रहे हैं।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
कैलीफोर्निया स्थित कैरट फर्टिलिटी की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. असीमा अहमद कहती हैं, आठ में से एक महिला में प्रसव के बाद अवसाद की समस्या देखी जाती है। गंभीर विषय यह है कि लगभग 75 प्रतिशत महिलाओं को न तो समस्या का पता चल पाता है, न ही उनका इलाज हो पाता है। दुनियाभर में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता हुआ भी देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ऐसे समय में जब हम दुनियाभर में मातृ मृत्युदर की समस्या रिपोर्ट कर रहे हैं, हमें समाधानों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है और इसमें प्रसवोत्तर अवसाद पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी हो जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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